जिन राज्यों/क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य पूरा हो चुका है, वहाँ मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form-6) के साथ अलग से घोषणा-पत्र (Declaration) देने की अनिवार्यता समाप्त

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, ०१ अक्टूबर
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form-6) के साथ अलग से घोषणा-पत्र (Declaration) देने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग द्वारा ईसीआईनेट (ECINET) पोर्टल और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) की आधिकारिक वेबसाइटों पर यह तकनीकी बदलाव लागू कर दिया गया है। इस बाबत भारत निर्वाचन आयोग ने 1 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEO) के साथ बैठक की, जिसमें बिहार की ओर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल शामिल हुए। बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) और मतदाता सूची में नाम जोड़ने व अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई तथा आवश्यक निर्देश स्पष्ट किए गए। आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन राज्यों/क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य पूरा हो चुका है, वहाँ मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form-6) के साथ अलग से घोषणा-पत्र (Declaration) देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची अपडेट करने की समय-सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी गई है, ताकि आगामी चुनावों से पहले अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जा सकें। वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्राप्त दावों, आपत्तियों और नोटिसों के त्वरित और सुगम निस्तारण के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री गुंजियाल नें बताया की वैसे सभी पात्र नागरिक जिनका नाम निर्वाचक सूची में शामिल नहीं है, और वह अपना नाम निर्वाचक सूची में शामिल कराना चाहते हैं, उन्हें अलग से घोषणा-पत्र देने आवश्यकता नहीं है। आयोग के उक्त निदेश से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी एवं निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। आम नागरिक जो निर्वाचक होने की अर्हता रखते हैं, उन्हें फॉर्म-6 के साथ घोषणा–पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है साथ ही छूटे हुए निर्वाचकों तथा नए निर्वाचकों के नाम अभियान चलाकर निर्वाचक सूची में जोड़ने का निदेश प्राप्त हुआ है, जिसके आलोक में आवश्यक कार्रवाई हेतु सभी संबंधित को निदेश निर्गत किया गया है।




