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सकारात्मक सोच, बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है- लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), राज्यपाल-सह-कुलाधिपति

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, ०२ अक्टूबर

राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन में आयोजित ‘बिहार में उच्च शिक्षा का रूपांतरण’ विषयक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक सोच और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने और समय पर परीक्षा कराने पर जोर दिया गया। ‘समर्थ’ (SAMARTH) प्रणाली को ठीक से लागू करने और डिजिटाइजेशन पर ध्यान देने को कहा गया। विद्यार्थियों की सुविधाओं और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। ‘बिहार में उच्च शिक्षा का रूपांतरण’ (Rejuvenating Higher Education in Bihar) विषयक कार्यशाला में राज्यपाल-सह-कुलाधिपति द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्देश और विज़न साझा करते हुए विश्वविद्यालयों को अपने अकादमिक कैलेंडर को कड़ाई से बनाए रखने, लंबित परीक्षाओं को समय पर आयोजित करने और उनके परिणाम शीघ्र घोषित करने को कहा गया। राज्य की उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए ‘समर्थ’ (SAMARTH) पोर्टल और डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह से और प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया गया। प्रोफेसरों और शिक्षकों की क्षमता निर्माण तथा कौशल विकास के लिए निरंतर संकाय विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही गई। परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, छात्रों को बुनियादी सुविधाएं देने और कॉलेज प्रशासन व विद्यार्थियों के बीच एक सार्थक संवाद (Meaningful Engagement) स्थापित करने का आह्वान किया गया। कार्यशाला में बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने भी शिरकत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बदलने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस कार्यशाला में आने वाली सभी प्रमुख सिफारिशों को धरातल पर उतारा जाएगा ताकि बिहार के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षा विभाग, राजभवन (कुलाधिपति कार्यालय) और विश्वविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। बिहार लोक भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मुख्य रूप से राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के वीसी और प्रति-कुलपति (Pro-VCs), उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, राज्यपाल के एडीसी (एम) मेजर के.एस. कंवर, आईए, राज्यपाल के एडीसी (पी) किरण कुमार गोरख जाधव, आईपीएस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रमुख प्रोफेसर और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल थे.

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