नेपाल से गंडक नदी में आए अत्यधिक जलस्राव के बाद, जिलाधिकारी नें प्रशासनिक टीम के साथ संवेदनशील इलाकों का किया निरीक्षण

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ३० सितम्बर
मुज़फ़्फ़रपुर में नेपाल से गंडक नदी में आए अत्यधिक जलस्राव के बाद, जिलाधिकारी कुमार गौरव प्रशासनिक टीम के साथ रतनपुर डीही, रेवा घाट और पारू के फतेहाबाद जैसे संवेदनशील इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने रेवा घाट और रतनपुर डीही का दौरा किया है। उन्होंने फतेहाबाद पंचायत का भी जायजा लिया है। रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान (54.41 मीटर) के करीब या उस पर पहुंच गया है, जिससे साहेबगंज और पारू अंचल में चिंता बढ़ी है। अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, बीडीओ और अंचलाधिकारी क्षेत्र में निगरानी रख रहे हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों और बांधों की ओर जाने की अपील की है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में निकली प्रशासनिक टीम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेश कुमार सिंह प्रभाकर, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन शैलेश कुमार चौधरी, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) अभिजीत कौर, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, सरैया, पारू और साहेबगंज के अंचल अधिकारी (CO) एवं संबंधित क्षेत्रों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) शामिल थें. इस पूरी टीम ने रेवा घाट, रतनपुर डीही, साहेबगंज और पारू सहित गंडक नदी के विभिन्न संवेदनशील तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया है। जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीम को सक्रिय रखने, आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अंचल अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कम्युनिटी किचन चलाने, पॉलीथिन शीट्स का वितरण सहित राहत एवं बचाव से संबंधित सभी कार्यों को बेहतर एवं त्रुटिहीन तरीके से संचालित कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण अभी नदियों में जल स्तर अधिकतम है। इसके आलोक में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम अलर्ट है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सजग एवं सक्रिय होकर स्थिति के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। ज़िलाधिकारी द्वारा सीमावर्ती जिलों के ज़िलाधिकारियों से भी लगातार सम्पर्क एवं समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि आवश्यकतानुसार लोगों को नज़दीकतम सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों में जल-स्तर अभी पीक पर है। इसमें जल्द ही कमी आएगी।अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि नदियों के जल-स्तर, मौसम विभाग द्वारा दी जा रही सूचनाओं तथा वर्षापात के आंकड़ों पर लगातार नजर रखें। एसओपी के अनुसार क्षेत्रीय पदाधिकारी यथा अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तुरंत रिस्पॉन्ड करेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पीएचईडी, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित सभी विभागों के पदाधिकारी आपस में सुदृढ़ समन्वय तथा सार्थक संवाद स्थापित रखें एवं परिस्थिति के अनुसार त्वरित गति से कार्य करें। जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें। जिला जनसम्पर्क अधिकारी लोकेश कुमार झा नें बताया की किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र, मुजफ्फरपुर : 0621-2212007 तथा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना: हेल्पलाइन नंबर: 0612-2294204/205, आपातकालीन सहायता नंबर: 1070 पर संपर्क करें.





