किसी भी संस्थान की असली पहचान वहां के शिक्षकों और विद्यार्थियों से होती है.- निखिल कुमार, पूर्व राज्यपाल

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १५ जून
रामेश्वर महाविद्यालय के स्थापना दिवस सह हीरक जयंती (डायमंड जुबली) समारोह का आयोजन किशोरी सिन्हा सभागार में किया गया. इस गरिमामयी समारोह मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए नागालैंड और केरल के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने कहा कि “किसी भी संस्थान की असली पहचान वहां के शिक्षकों और विद्यार्थियों से होती है”. उन्होंने कॉलेज की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा की इस कॉलेज की स्थापना महान दूरदर्शी रामेश्वर सिंह के पुत्र नितीश्वर सिंह के नेतृत्व में समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह कॉलेज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU), मुजफ्फरपुर की एक प्रमुख अंगीभूत इकाई है। रामेश्वर कॉलेज ने अपने स्थापना के 75 वर्ष (1950-2025) सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीआरएबीयू (BRABU) के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने संस्थान के संस्थापक रामेश्वर बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि आज रामेश्वर बाबू के उन संकल्पों को याद करने का दिन है, जिन्हें लेकर उन्होंने इस संस्थान की नींव रखी थी. उन्होंने पूरे कॉलेज परिवार से अकादमिक और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया. प्रो.राय ने अपने संबोधन में कॉलेज को भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में उच्च मानक स्थापित करने और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान कॉलेज परिसर में छात्रों और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कई नए भवनों प्रशासनिक भवन के द्वितीय तल पर नवनिर्मित अध्ययन कक्ष, स्नातकोत्तर वाणिज्य संकाय (Commerce Department) के प्रथम तल पर नए वर्ग कक्ष का उद्घाटन किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया जिसमें कॉलेज की वार्षिक पत्रिका ‘वाणी’ का विमोचन हुआ, विशेष रूप से तैयार की गई हीरक जयंती स्मारिका (Souvenir) का लोकार्पण किया गया तथा वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ.महजबीन परवीन द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक और अकादमिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।





