बिहारराज्यलोकल न्यूज़

संभावित जल संकट से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तत्परता से कार्य करें : रिची पाण्डेय, जिलाधिकारी

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ३१ जुलाई

कम वर्षापात के कारण संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी रिची पांडे की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में  लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सीतामढ़ी द्वारा संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप-विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन बृजकिशोर पांडेय, कार्यपालक अभियंता, सभी जेई पीएचईडी उपस्थित थे। बैठक में जिले में पेयजल की उपलब्धता, “हर घर नल का जल” योजना की वर्तमान स्थिति, भू-जल स्तर में आई गिरावट तथा वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के किसी भी गांव या टोले में पेयजल का संकट उत्पन्न नहीं होने दिया जाए तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रत्येक प्रखंड एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने, “हर घर नल का जल” योजना को शत-प्रतिशत क्रियाशील रखने तथा जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर नीचे चला गया है और लोग चापाकलों पर निर्भर हैं, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने छूटे हुए टोलों में “हर घर नल का जल” योजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा पंचायत राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं की नियमित मरम्मत एवं रखरखाव के लिए प्रत्येक पंचायत में मरम्मत दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्य में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा। समीक्षा के दौरान पीएचईडी के सभी कनीय अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा मुख्यालय में आवासित रहने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी पेयजल योजनाओं का प्रतिदिन भौतिक निरीक्षण किया जाए तथा खराब मोटर, पाइपलाइन, वाल्व अथवा विद्युत संबंधी खराबियों का 24 घंटे के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जलापूर्ति योजनाओं के संचालन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों  को अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा समस्या की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रत्येक दिन की प्रगति प्रतिवेदन जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग समन्वित प्रयासों से आमजन को निर्बाध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button