बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में PAT-2023 और PAT-2024 के शोधार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम हुआ आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २९ जुलाई
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में 28 जुलाई 2026 को PAT-2023 और PAT-2024 के शोधार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में शोध कार्यों की रूपरेखा, कोर्स वर्क के नियम और अनुसंधान की दिशा पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने कहा कि सत्यनिष्ठा, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शोध ही एक सफल शोधार्थी तथा उत्कृष्ट शिक्षाविद् की पहचान हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, नैतिक मूल्यों, अनुसंधान की गुणवत्ता तथा समाजोपयोगी शोध के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि उत्कृष्ट शोध ही राष्ट्र निर्माण एवं ज्ञान-सृजन का सशक्त आधार है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति प्रो.एस.पी.एम. त्रिपाठी ने अपने प्रेरक व्याख्यान में सामाजिक विज्ञान में शोध के वास्तविक स्वरूप, उसकी वैज्ञानिक पद्धतियों तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ उसकी अंतर्संबद्धता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बल दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों एवं दृष्टिकोण का आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों के साथ समन्वय करते हुए नवाचार (Innovation) के माध्यम से ज्ञान-विस्तार और ज्ञान-सृजन को नई दिशा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने शोधार्थियों को मौलिक, समाजोपयोगी एवं राष्ट्रोन्मुख अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो.विपिन कुमार राय ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शोधार्थियों को शोध-जीवन में अनुशासन, निरंतर अध्ययन एवं बौद्धिक प्रतिबद्धता का महत्व समझाया। उन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नीलम कुमारी ने शोध-पद्धति, अनुसंधान नैतिकता, अकादमिक उत्कृष्टता तथा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण शोध की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए शोधार्थियों को विभाग की शैक्षणिक परंपराओं, शोध संबंधी अपेक्षाओं एवं उत्तरदायित्वों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए उप-कुलसचिव डॉ.अमर बहादुर शुक्ल ने कहा की कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित शोधार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शोध की मूलभूत अवधारणाओं, अनुसंधान पद्धतियों, अकादमिक नैतिकता तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं से परिचित कराना है। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ.भारती सेहता, डॉ.कांतेश कुमार सिंह, डॉ.देवेंद्र प्रताप तिवारी, डॉ.रक्षा सिंह एवं डॉ.कृष्ण मोहन दुबे सहित इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो.रेणु कुमारी, वरिष्ठ आचार्य प्रो.पंकज कुमार, विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।





