एसकेएमसीएच (SKMCH) क्षेत्र में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मानकों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताओं के कारण 13 निजी स्वास्थ्य संस्थानों को कर दिया सील

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०६ जून
एसकेएमसीएच (SKMCH) के आसपास मानकों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताओं के कारण प्रशासन ने 13 निजी स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया है। यह सख्त कदम एक निजी अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग (जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी) के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए विशेष जांच अभियान के तहत उठाया गया है। यह कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार के नेतृत्व में की गई। जांच टीमों ने पाया कि कई अस्पतालों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की योग्यता संदिग्ध थी, और अग्निशमन (fire safety) व क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट नियमों की भारी अनदेखी की जा रही थी। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीमों ने अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (फायर) नियमों, इलेक्ट्रिक लोड मानकों, और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों व वैध लाइसेंसों का अभाव पाया गया। सील किए गए संस्थानों में बालाजी हेल्थ केयर, रेडियस हेल्थ केयर, संतोष चाइल्ड केयर, आशा हेल्थ केयर, तिरुपति नर्सिंग होम, सम्राट हॉस्पिटल और ओम अल्ट्रासाउंड सहित अन्य शामिल हैं। मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए निजी स्वास्थ्य संस्थानों मे सरकारी मानदंड के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवा बहाल करने के उद्देश्य से तीन अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसहरी, मीनापुर, गायघाट एवं औराई के चिकित्सा पदाधिकारियों को शामिल किया गया था। टीमों ने एसकेएमसीएच के आसपास संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में आवश्यक सरकारी मानकों, लाइसेंसिंग नियमों तथा क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट से संबंधित प्रावधानों का अनुपालन नहीं पाया गया। कुछ संस्थानों के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जबकि कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में अनियमितताएं सामने आईं। मरीजों के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियो ने आज तत्काल प्रभाव से 12 स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया। इसके अलावा 5 जून को भी स्वास्थ्य मानक के उल्लंघन पाये जाने पर मदांता अस्पताल को भी सील किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसहरी एवं मीनापुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा छह संस्थानों को सील किया गया। वहीं गायघाट की टीम ने तीन तथा औराई की टीम ने तीन स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों को 7 दिनों के भीतर अपना इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में दस्तावेज न देने या मानकों की अनदेखी करने पर अस्पतालों को बिना नोटिस सील कर दिया जाएगा। इस संबंध में सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने सभी संचालकों को निर्देश दिया है कि वे आवश्यक मानकों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।






