वैशाली जिले के जी.ए. इंटर स्कूल, हाजीपुर में साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, हाजीपुर (वैशाली), बिहार, २२ जुलाई
वैशाली जिले के जी.ए. इंटर स्कूल, हाजीपुर में साइबर अपराधों से बचाव के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी (DM) वर्षा सिंह (IAS) एवं पुलिस अधीक्षक (SP), शुभांक मिश्रा (IPS) नें संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर जिलाधिकारी (DM) नें कहा की इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को बढ़ते साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया के खतरों के प्रति सचेत करना और युवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से इंटरनेट का उपयोग करना सिखाना है। अपनें उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक (SP) नें बढ़ते साइबर अपराधों (जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम) के प्रति छात्र-छात्राओं को सचेत करते हुए कहा की किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, बैंक पासवर्ड या व्यक्तिगत विवरण साझा न करें और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्पेशल क्राइम सह साइबर क्राइम चांदनी सुमन नें कहा की साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराध होने पर सही समय पर और सही जगह (जैसे साइबर हेल्पलाइन 1930) पर रिपोर्ट करने की जानकारी दे। उन्होंने साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी,डिज़िटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया सुरक्षा, ओटीपी एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने, डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। छात्र-छात्राओं की सहभागिता बढ़ाने एवं उनकी जानकारी का आकलन करने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा विषय पर प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल स्कूली बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाने और उन्हें एक जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।






