IGNOU क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा द्वारा “नीति निर्माण और विधायिकाओं में महिलाओं के अल्प प्रतिनिधित्व में संरचनात्मक और संस्थागत बाधाएं” विषयक परिचर्चा आयोजित
किसी भी क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही राष्ट्र एवं समाज का समग्र विकास संभव- डॉ.संतन कुमार राम, क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू, क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा

ध्रुव कुमार सिंह, दरभंगा, बिहार, १४ अप्रैल
IGNOU क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन के अंतर्गत “नीति निर्माण और विधायिकाओं में महिलाओं के अल्प प्रतिनिधित्व में संरचनात्मक और संस्थागत बाधाएं” विषय पर एक छात्र चर्चा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, लहरियासराय, दरभंगा में आयोजित किया गया। इस चर्चा में IGNOU और डॉ.जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा दोनों के छात्रों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में IGNOU क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा स्थित IGNOU अध्ययन केंद्र के कर्मचारियों और छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू, क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा डॉ.संतन कुमार राम ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि जब तक महिलाएं किसी भी कार्य को करने में खुद निर्णय नहीं लेंगी या लीडरशिप की भूमिका में नहीं होगी तब तक नारी सशक्तिकरण सफल नहीं होगा। इसके लिए उन्हें प्राथमिकता के तौर पर देखना होगा। महिलाओं को शिक्षा, जागरूकता एवं समान अवसर देना होगा। आगे उन्होंने कहा कि महिलाओं की संख्या को देखते हुए संसद एवं विधायिकाओं में उनकी भागीदारी अभी भी बहुत कम है जो एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अवसर मिलने पर महिलाएं भी उत्कृष्ट कार्य कर सकती हैं। सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान एवं सर्वांगीण विकास के लिए चलाई गई योजना उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही राष्ट्र एवं समाज का समग्र विकास संभव है। मजबूत एवं संतुलित लोकतंत्र के निर्माण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्हें केवल घर तक ही सीमित रखा जाता है. डॉ. राम नें कहा कि जब तक महिलाओं के प्रति लोगों का नजरिया एवं सामाजिक सोच नहीं बदलेगा तब तक वह आगे नहीं बढ़ सकतीं। महिलाओं का सभी क्षेत्रों में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर भी बातें की गईं। यदि महिलाओं को सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना है तो उन्हें जागरूक करना बहुत जरूरी है। अंत में यह कहा गया कि जब तक महिलाएं शिक्षित एवं आत्मनिर्भर नहीं बनेगी तब तक महिला सशक्तिकरण की बात करना निरर्थक होगा। क्षेत्रीय निदेशक डॉ.राम ने अपने संबोधन में महिलाओं के आरक्षण को लेकर विस्तार से अपनी बातें रखीं। उन्होंने बिहार में पंचायती राज में महिलाओं को 50% एवं नौकरियों में 33% आरक्षण को लेकर उल्लेख किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता सह डॉ.जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के सहायक प्राध्यापक मुसर्रत फैजी ने अपने संबोधन में कहा कि नीति निर्माण में संसद एवं विधायिकाओं में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व का कारण संरचनात्मक तथा संस्थागत बाधाएं हैं । आगे उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं दबी कुचली रहेंगी तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। महिलाएं परिवार एवं बच्चों के उत्थान के लिए अच्छा काम करती हैं। उनके प्रति भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए तथा उन्हें भी समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। महिलाओं को असुरक्षा एवं हिंसा की भावना से देखा जाता है जो एक बड़ी समस्या है। महिला एवं पुरुष दोनों को कानून के समक्ष समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। महिलाओं के लिए सरकार द्वारा जो भी योजनाएं चलाई गई हैं उनको सही ढंग से लागू एवं पालन करना सुनिश्चित करना होगा। इग्नू अध्ययन केंद्र डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के समन्वयक इर्तजा अहमद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र दरभंगा के अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ-साथ इग्नू अध्ययन केंद्र डॉ जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दरभंगा के कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया इग्नू (IGNOU) क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा द्वारा आयोजित यह चर्चा एक अत्यंत प्रासंगिक विषय पर केंद्रित रही। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 (महिला आरक्षण विधेयक) के आलोक में नीति निर्माण और विधायिकाओं में महिलाओं की भागीदारी पर बात करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






