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जैतपुर थाना अंतर्गत रूपवाली (पोखरैरा) में हुए 16 वर्षीय किशोर हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्भेदन, घटना में संलिप्त दो विधि विरुद्ध किशोरों (नाबालिगों) को पुलिस ने किया निरुद्ध

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०७ जून

जैतपुर थाना के अंतर्गत रूपवाली (पोखरैरा) में 1 जून 2026 को हुए 16 वर्षीय किशोर नितेश कुमार हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है. घटना में संलिप्त एक ही गांव के दो विधि विरुद्ध किशोरों (नाबालिगों) को पुलिस ने निरुद्ध किया है.पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मृतक नितेश कुमार और निरुद्ध किए गए दोनों किशोर एक ही गांव (रुपौली) के रहने वाले थे। उनके बीच किसी बात को लेकर पुराना आपसी विवाद चल रहा था। 1 जून 2026 को मौका पाकर दोनों आरोपियों ने रुपौली एप्रोच पथ के पास बगीचे में नितेश पर हसुली (धारदार हथियार) से हमला कर दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने की नीयत से झाड़ियों में फेंक दिया गया था। शव मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव फैल गया था। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र (Technical & Human Intelligence) का सहारा लेकर कुछ ही घंटों में संदिग्धों की पहचान की। चूंकि दोनों आरोपी विधि विरुद्ध किशोर (Juvenile in conflict with law) हैं, इसलिए उन पर वयस्कों की तरह सामान्य अदालत में मुकदमा नहीं चलेगा। आरोपियों को पकड़ने के बाद मुजफ्फरपुर के किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। कानूनन उनकी पहचान को गुप्त रखा गया है और उन्हें बाल सुधार गृह (Observation Home) भेजने की प्रक्रिया की गई है। विदित हो की मृतक नितेश कुमार 1 जून (रविवार) को सुबह करीब 11 बजे खाना खाकर अपनी साइकिल से निकला था। परिजनों के मुताबिक, घर से निकलने से पहले उसे किसी साथी का फोन आया था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने जैतपुर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अगले दिन सोमवार शाम को जब कुछ ग्रामीण और चरवाहे मवेशी चराने नया रोड चौक से टोल प्लाजा की तरफ गए, तो उन्हें झाड़ियों में एक साइकिल गिरी हुई दिखी पास जाने पर नितेश का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद जैतपुर थाना प्रभारी के घटनास्थल पर देरी से पहुंचने के कारण ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए। न्याय की मांग को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने पोखरैरा नया रोड चौक पर मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय विधायक शंकर प्रसाद यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और ग्रामीणों को दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे, मिट्टी और अन्य वैज्ञानिक नमूने एकत्र किए, जिसने केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।  पुलिस ने नितेश के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली, जिससे अंतिम बार बात करने वाले दोनों नाबालिग दोस्तों (विधि विरुद्ध किशोरों) का सुराग मिला और पुलिस उन्हें निरुद्ध करने में सफल रही।

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