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मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी रिची पांडेय द्वारा विभागवार कार्यों की हुई गहन पड़ताल

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ११ जून

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना की इस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी रिची पांडेय द्वारा विभागवार कार्यों की गहन पड़ताल की गई। बैठक में उप-विकास आयुक्त संदीप कुमार के साथ सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। सीतामढ़ी समाहरणालय के विमर्श सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में विभिन्न योजनाओं की वास्तविक स्थिति और उन्हें गति देने के लिए आहूत बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में कई वार्डों से जलापूर्ति ठप होने या पाइपलाइन फटने की शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहाँ भी मोटर या ऑपरेटर की समस्या है, उसे 24 से 48 घंटे के भीतर ठीक किया जाए। पंचायतों को रख-रखाव (मैंटिनेंस) के लिए आवंटित राशि का सही उपयोग करने और नियमित वार्डवार निरीक्षण करने का आदेश दिया गया। जिन क्षेत्रों में नल-जल के काम के लिए सड़कें काटी गई थीं, उन्हें तुरंत मरम्मत कर पक्कीकरण पूरा करने को कहा गया। उच्च शिक्षा के लिए छात्रों के आवेदनों के सत्यापन (Verification) में हो रही देरी पर नाराजगी जताई गई। डीएम ने लंबित आवेदनों को एक सप्ताह में स्वीकृत करने का लक्ष्य दिया। केंद्रों पर छात्रों की उपस्थिति और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जांच करने तथा बंद पड़े केंद्रों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बेरोजगार युवाओं को दिए जाने वाले भत्ते के लाभार्थियों का डेटाबेस अपडेट रखने को कहा गया ताकि सीधे बैंक खाते (DBT) में राशि बिना रुकावट ट्रांसफर हो सके। मानसून के आगमन को देखते हुए शहरी इलाकों के नालों की उड़ाही और साफ-सफाई की समीक्षा की गई। ‘हर घर तक पक्की गली-नालियां’ और ‘शौचालय निर्माण’ योजना के तहत बचे हुए वार्डों में युद्धस्तर पर काम करने का आदेश दिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि किसी वार्ड या पंचायत में काम अधूरा पाया गया, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और कनीय अभियंता (JE) जिम्मेदार होंगे। काम में जानबूझकर देरी करने वाले संवेदकों (कॉन्ट्रैक्टर्स) को ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में डालने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने की चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खुद फील्ड में जाकर योजनाओं का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करें और केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा न करें।

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