सहयोग शिविरों के जरिए जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर, जनगणना और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की भी हुई गहन समीक्षा
गायघाट के लोमा पंचायत के पीडीएस विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर राशि की वसूली करने का सख्त निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २६ मई
जिला विकास समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आम जन-कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आम जनता से जुड़े प्रत्येक आवेदन और शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन किया जाए। आगामी 2 जून को जिले की 23 पंचायतों में विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ लोगों की शिकायतों व सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का समाधान होगा। बैठक में सहयोग शिविरों के संचालन, जनगणना, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, एलपीजी आपूर्ति, और राशन कार्ड सत्यापन की विस्तार से समीक्षा की गई। गायघाट की लोमा पंचायत में गड़बड़ी पाए जाने पर एक जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेता के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करके राशि वसूलने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में सहयोग शिविरों के संचालन, जनगणना 2027, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, एलपीजी आपूर्ति, राशन कार्ड सत्यापन तथा जन वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े प्रत्येक आवेदन एवं शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने विभागवार एवं पंचायतवार प्राप्त आवेदनों की स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा लाभुकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर सरकार और जनता के बीच विश्वास का माध्यम बन रहे हैं, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 2 जून को 23 पंचायतों जिनमें बंदरा प्रखंड की मुन्नी बैंगरी, गायघाट की बाघाखाल, कुढ़नी प्रखंड की लदौड़ा एवं दरियापुर कफेन, मीनापुर की महदेइया, मोतीपुर की परसौनी नाथ एवं कोरीगावां, मुरौल की बिशनपुर श्रीराम, मुसहरी की भिखनपुर एवं सहबाजपुर, कांटी की बहुआरा, पारू की नेकनामपुर एवं मोहब्बतपुर, साहेबगंज प्रखंड की बांगरा निजामत, सरैया की रेवा बसंतपुर दक्षिणी एवं रेवा बसंतपुर उत्तरी, बोचहा की सहिला रामपुर, औराई की भरथुआ एवं डीहजीवर, मड़वन की बड़का गांव दक्षिणी, कटरा की बेरई दक्षिणी तथा सकरा की चंदनपट्टी एवं रूपनपट्टी मथुरा पंचायत शामिल हैं में सहयोग शिविर आयोजित होगा. बैठक में नगर निकाय क्षेत्रों में भी सहयोग शिविर आयोजित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को नगर निकायों के वार्डों में भी सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए नगर निकायों को वार्डवार तिथि एवं स्थल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया ताकि अधिक से अधिक लोग शिविरों का लाभ उठा सकें। प्रशासनिक आवश्यकता के अनुरूप वार्डों में शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। नगर सहयोग शिविरों में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों को “सहयोग पोर्टल” पर अपलोड किया जाएगा तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। पोर्टल पर आवेदन की प्रति, अग्रसारण, निष्पादन एवं कारण पृच्छा से संबंधित सभी सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन अपनी लॉगिन आईडी से पोर्टल का अवलोकन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर उपलब्ध सूचना को अधिकारी हेतु स्वतः तमिला माना जाएगा। बैठक में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक कुल 9116 एचएलबी में हाउस लिस्टिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस दौरान लगभग 13 लाख 97 हजार मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया पूरी की गई है, जिसमें करीब 62 लाख आबादी को कवर किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी चार्ज पदाधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने तथा प्रगणकों को सक्रिय एवं सतर्क रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में डाटा की गुणवत्ता सर्वोपरि है। यदि किसी क्षेत्र में नया परिवार निवास करने आता है तो उसे भी सूची में शामिल किया जाए ताकि कोई व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जनगणना का यह कार्य 2 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा और इसे पूरी गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। जनगणना से संबंधित शिकायतों के समाधान हेतु संयुक्त भवन स्थित कमरा संख्या 46 में जनगणना कोषांग स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त आमजन मोबाइल नंबर 9608401112 पर संपर्क कर अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करा सकते हैं। बैठक में खाद्यान्न उठाव एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने औराई, गायघाट एवं मीनापुर प्रखंडों की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एलपीजी सिलेंडर वितरण में चार दिन से अधिक का बैकलॉग नहीं रहना चाहिए। साथ ही गैस पाइपलाइन व्यवस्था में सुधार लाने तथा उपभोक्ताओं को सुचारु सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में राशन कार्डों के सत्यापन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपात्र एवं अयोग्य लाभुकों की पहचान कर एक सप्ताह के भीतर सूची से उनके नाम हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उचित मात्रा में खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को जन वितरण प्रणाली की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बैठक में गायघाट प्रखंड के लोमा पंचायत स्थित जन वितरण प्रणाली विक्रेता अनिल कुमार सहनी के विरुद्ध खाद्यान्न गवन के मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी गायघाट को दिया है। जांचोपरांत पाया गया कि पीडीएस विक्रेता अनिल सहनी के भंडार में 409.82 क्विंटल खाद्यान्न की कमी पाई गई साथ ही एक वर्ष से अधिक समय तक नॉन-ट्रांजैक्शन राशन कार्डों पर खाद्यान्न वितरण किए जाने का मामला भी सत्य पाया गया। इसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 के तहत संबंधित विक्रेता के विरुद्ध स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी द्वारा दिया गया है। साथ ही खाद्यान्न की राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्रवाद दायर करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आमजन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर, जनगणना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसे कार्यक्रमों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें।





