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मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा आभूषण कारोबारी दीपक कुमार साह हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए दो मुख्य शूटरों को किया गया गिरफ्तार

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार १२ जुलाई

मुजफ्फरपुर पुलिस ने आभूषण कारोबारी दीपक कुमार साह हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए दो मुख्य शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की गई है। मुजफ्फरपुर के कच्ची-पक्की (माधोपुर) इलाके में आभूषण कारोबारी दीपक कुमार साह की हत्या और लूट के प्रयास का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो मुख्य शूटरों मो. आजाद उर्फ तमन्ने और प्रमोद कुमार उर्फ जटहा को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना के बाद सर्राफा कारोबारियों ने भारी आक्रोश में आकर अपनी दुकानें बंद रखी थीं और विरोध प्रदर्शन किया था. 15 जून 2026 की रात आभूषण व्यवसायी दीपक कुमार अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. घर से मात्र 100 मीटर पहले 3 बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और आभूषणों से भरा झोला छीनने का प्रयास किया. कारोबारी द्वारा विरोध करने और हाथापाई होने पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हालांकि, व्यवसायी के साहस के कारण अपराधी गहनों का बैग लूटने में नाकाम रहे. घटना के विरोध में आभूषण कारोबारियों ने उग्र होकर अपनी दुकानें पूरी तरह बंद कर दी थीं और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने टेक्निकल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले का पर्दाफाश किया. गिरफ्तार बदमाशों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है और तीसरे फरार साथी की तलाश जारी है. मुजफ्फरपुर पुलिस की इस बड़ी कामयाबी पर सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी द्वारा किए गए खुलासे में कई महत्वपूर्ण और भावुक करने वाली जानकारियां सामने आई. सिटी एसपी नें बताया की इस खौफनाक वारदात के ठीक एक सप्ताह बाद, यानी 22 जून 2026 को दीपक कुमार शाह के छोटे बेटे की सगाई (रस्म) होने वाली थी। परिवार शादी और सगाई की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन अपराधियों की इस क्रूर करतूत ने पूरे घर की खुशियों को जिंदगी भर के मातम में बदल दिया। घटना की गंभीरता और सर्राफा व्यापारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कान्तेश कुमार मिश्रा ने खुद घटनास्थल (माधोपुर सुस्ता) का मुआयना किया था। डीआईजी ने पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय दिलाने का वादा किया था और स्थानीय पुलिस को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया था। क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात होने को लेकर पुलिस की गश्त पर सवाल उठे थे, जिसके बाद डीआईजी ने कच्ची-पक्की ओपी के थानेदार से स्पष्टीकरण भी मांगा था। मर्डर के तुरंत बाद FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) और डॉग स्क्वायड (श्वान दस्ता) की टीमों को मौके पर बुलाया गया था। उन्होंने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और खून के नमूनों के महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए, जिसने बाद में दोनों शूटरों (तमन्ने और जटहा) की पहचान की पुष्टि करने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है, ताकि इस हत्याकांड में शामिल तीसरे फरार अपराधी के सटीक ठिकाने का पता लगाया जा सके और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किए जा सकें।

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