राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुशहरी (मुजफ्फरपुर) में आयोजित “बिहार लीची संगम: बाग से निर्यात तक” कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि मंत्री द्वारा किया गया
सरकार राज्य की लीची को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने और 'बाग से निर्यात' तक की मजबूत सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रतिबद्ध- विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २५ मई
कृषि विभाग, बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय द्वारा राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुशहरी (मुजफ्फरपुर) में आयोजित “बिहार लीची संगम: बाग से निर्यात तक” कार्यक्रम का उद्घाटन 25 मई को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुशहरी (मुजफ्फरपुर) में आयोजित “बिहार लीची संगम-2026” का मुख्य उद्देश्य ‘बाग से निर्यात तक’ की रणनीति अपनाना है. यह आयोजन लीची उत्पादकों के लिए नई तकनीक, बेहतर बाजार, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात की संभावनाएं प्रदान कर किसानों के लिए एक बड़ी उम्मीद बना है. यह कार्यक्रम राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र (NRC on Litchi) में कृषि विभाग और उद्यान निदेशालय के सहयोग से आयोजित किया गया. ‘बाग से निर्यात तक’ (Orchard to Export) की थीम पर आधारित इस संगम का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त ‘शाही लीची’ को वैश्विक स्तर पर पहुँचाना है. संगम में विशेषज्ञों ने लीची की पैदावार को ‘स्टिंग बग’ और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए वैज्ञानिक समाधान साझा किए. यह किसानों को सीधे तौर पर कीटनाशक और राहत संबंधी सहायता प्रदान करने में मदद करेगा. किसानों को बेहतर मूल्य और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लीची के विपणन और कोल्ड-चेन प्रबंधन की जानकारी दी गई. अपने उद्घाटन भाषण में कृषि मंत्री श्री सिन्हा नें कहा की इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार की प्रसिद्ध शाही लीची के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण और निर्यात को बढ़ावा देना है, जिससे लीची उत्पादक किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम के माध्यम से बिहार सरकार राज्य की लीची को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने और ‘बाग से निर्यात’ तक की मजबूत सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्घाटन समारोह के दौरान कृषि मंत्री द्वारा ‘वैदेही अग्रिमा’ नामक लीची के पौधे का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम में उद्यान विभाग के निदेशक अभिषेक कुमार, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र (NRC) के निदेशक डॉ.बिकाश दास और लीची उत्पादक किसानों ने हिस्सा लिया। कर्य्ज्रम के दौरान लीची उत्पादक किसानों एवं संगठनों द्वारा कृषि मंत्री के समक्ष कोल्ड चेन, बेहतर पैकेजिंग तकनीक, फसल बीमा और वृहत सभागार के निर्माण की मांग रखी गई।





