तटबंधों की सुरक्षा एवं बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त ने लालगंज प्रखंड क्षेत्र के बलहा-बसंता स्थल का किया निरीक्षण

ध्रुव कुमार सिंह, वैशाली, बिहार, २५ मई
तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह (भा.प्र.से.) द्वारा वैशाली जिला अंतर्गत लालगंज प्रखंड क्षेत्र में गंडक नदी के बायाँ तटबंध (तिरहुत तटबंध) के कि०मी० 68.80 स्थित बलहा-बसंता स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी, मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण अंचल, मुजफ्फरपुर, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, लालगंज, सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण अवर प्रमंडल, हाजीपुर, संबंधित कनीय अभियंता, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर, संबंधित अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी लालगंज सहित विभागीय पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। निरीक्षण का उद्देश्य मानसून एवं संभावित बाढ़ को दृष्टिगत रखते हुए तटबंधों की सुरक्षा, कटाव निरोधी कार्यों तथा बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने तिरहुत तटबंध के संवेदनशील हिस्सों का अवलोकन किया, जहां गंडक नदी तटबंध से सटकर प्रवाहित हो रही है। इस क्रम में पूर्व में कराए गए कटाव निरोधी कार्यों का निरीक्षण किया गया तथा पाया गया कि विभाग द्वारा कराए गए कार्य प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं एवं तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। निरीक्षण के क्रम में आयुक्त द्वारा संबंधित अभियंताओं एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ अवधि के दौरान विशेष चौकसी बरती जाए तथा तटबंध की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षात्मक एवं कटाव निरोधी कार्यों की आवश्यकता का आकलन करते हुए विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर आयुक्त ने कहा कि मानसून एवं संभावित बाढ़ को देखते हुए यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है। पूर्व में भी इस क्षेत्र में कटाव की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे जान-माल एवं कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभाग द्वारा कई स्थानों पर कटाव निरोधी कार्य कराया जा रहा है तथा कुछ कार्य प्रगति पर हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी अतिरिक्त सुरक्षात्मक कार्यों की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में कटाव की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। आयुक्त ने कहा कि बाढ़ की स्थिति अनिश्चित होती है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अभी से पूरी तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि राहत सामग्री, तटबंध निगरानी, आपदा प्रबंधन संसाधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते सुदृढ़ कर लिया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।





