मुजफ्फरपुर में गैस आपूर्ति की सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था: घरेलू और व्यावसायिक आपूर्ति की स्थिति बेहतर, निगरानी और पारदर्शिता पर जोर

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०६ अप्रैल
घरेलू एवं व्यावसायिक गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और उपभोक्ता अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर समाहरणालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विभिन्न गैस एजेंसियों के स्टॉक, वितरण और आपूर्ति की अद्यतन स्थिति साझा की गई। डीपीआरओ प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की उपलब्धता संतोषजनक है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्री कुमार नें बताया की जिले में इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की कुल 91 वितरक एजेंसियां कार्यरत हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 19,754 एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री की जा रही है। स्टॉक की स्थिति पर नजर डालें तो IOCL के पास 18,659 भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि HPCL के पास 3,022 और BPCL के पास 3,096 सिलेंडर मौजूद हैं। इसके अलावा ट्रांजिट में भी 4,068 सिलेंडर हैं, जो जल्द ही जिले में पहुंचने वाले हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डीपीआरओ नें बताया की व्यावसायिक गैस की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति संतोषजनक है। जिले में कुल 92 वितरकों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 421.3 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की बिक्री हो रही है। स्टॉक की बात करें तो IOCL के पास 730, HPCL के पास 330 और BPCL के पास 130 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध हैं। अच्छी बात यह है कि व्यावसायिक गैस के मामले में फिलहाल कोई भी स्टॉक ट्रांजिट में लंबित नहीं है, जिससे आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा की संभावना नहीं है। प्रेसवार्ता में उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे गैस बुकिंग के लिए ऑनलाइन माध्यम का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के लिए व्हाट्सएप, मिस्ड कॉल और आईवीआरएस के माध्यम से बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे उपभोक्ता घर बैठे आसानी से गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं और समय पर डिलीवरी प्राप्त कर सकते हैं। श्री कुमार नें कहा की शहरी क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को अंतिम गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिनों के भीतर अगली डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना न करना पड़े और समयबद्ध तरीके से सभी को सेवा मिल सके। उन्होंने बताया की होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस के उपयोग को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। आवश्यकतानुसार इन संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग न हो। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमित जांच अभियान चलाये जा रहे हैं। जिला जनसम्पर्क अधिकारी नें बताया की गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उपभोक्ता अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर और मोबाइल नंबर पर दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गैस आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिले को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है और प्रत्येक सेक्टर में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी न केवल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं। जिले में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार को लेकर भी प्रगति दर्ज की गई है। अब तक कुल 32,341 पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनमें से 14,238 उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। इसके अलावा 8,103 मीटर एमडीपीई पाइपलाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पीएनजी का लाभ मिल सके। सभी संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश गया है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखा जाए। उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो और यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि सभी एजेंसियां पारदर्शिता बनाए रखें और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला जनसम्पर्क अधिकारी श्री कुमार नें कहा कि जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। पर्याप्त स्टॉक, मजबूत वितरण व्यवस्था, ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा और प्रशासन की सख्त निगरानी के चलते उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और सुधारात्मक कदमों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में गैस आपूर्ति व्यवस्था और भी बेहतर होगी तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिलती रहेगी।





