वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन (खुलासा) करते हुए दो शूटरों को किया गिरफ्तार

ध्रुव कुमार सिंह, हाजीपुर (वैशाली), बिहार, २१ अगस्त
वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन (खुलासा) करते हुए दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस की विशेष टीम (SIT) और एसटीएफ (STF) ने संयुक्त रूप से की है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी घटना और पुलिस कार्रवाई का विवरण देते हुए पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा नें बताया की13 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 5:15 बजे, जब रामनरेश राय मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) के लिए निकले थे, तब कुमाही पोखर के पास अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी। पुलिस की विशेष टीम (SIT) और एसटीएफ (STF) द्वारा संयुक्त रूप से कारवाई करते हुए पटना के दानापुर (सगुनामोर) से रमेश कुमार (बिदुपुर निवासी) और आदित्य प्रकाश (बलवा कुंआरी निवासी) को दबोचा गया। इनके पास से अवैध हथियार भी मिले हैं। इससे पहले मुख्य नामजद आरोपी सहदेव राय को भी पुलिस जेल भेज चुकी है। अपराधियों ने कुबूल किया कि इस हत्या के लिए ₹5 लाख की सुपारी तय हुई थी, जिसमें से ₹1 लाख एडवांस (अग्रिम) के तौर पर दिए गए थे। हत्या की पूरी योजना मुजफ्फरपुर में बनी थी। अपराधियों को हायर (काम पर रखने) करने और हथियार-बाइक दिलाने की जिम्मेदारी मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी छोटू राणा को दी गई थी। पुलिस से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए अपराधियों ने हत्या में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के पुर्जे अलग करके उसे चंद्रालय मठ के पास नदी के पानी में डुबो दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, मृतक रामनरेश राय का मुख्य आरोपी सहदेव राय के साथ पुराना जमीनी विवाद चल रहा था। गिरफ्तार अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य साजिशकर्ताओं की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।




