ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय (एलएनटी कॉलेज) के जंतु विज्ञान विभाग के तत्वावधान में विश्व लंग्स कैंसर दिवस पर जागरूकता सेमिनार आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, 01 अगस्त
ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय (एलएनटी कॉलेज) के जंतु विज्ञान विभाग के तत्वावधान में विश्व लंग्स कैंसर दिवस पर एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ.ममता रानी ने सेमिनार का उद्घाटन करते हुए कहा की स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं में तंबाकू एवं नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर, लेकिन काफी हद तक रोका जा सकने वाला रोग है। यदि लोग तंबाकू के सेवन से दूर रहें, संतुलित जीवनशैली अपनाएं तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं, तो इस बीमारी के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सेमिनार के मुख्य वक्ता सह होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. निशांत कुमार ने कहा कि तंबाकू फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा और रोका जा सकने वाला कारण है। बीड़ी, सिगरेट एवं हुक्का के सेवन से फेफड़ों की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं, जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) भी फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। खैनी, गुटखा एवं जर्दा जैसे धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद भी सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि इनमें मौजूद कैंसरकारी रसायन शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने तंबाकू के सभी रूपों से दूरी बनाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। विभागाध्यक्ष डॉ.विपिन कुमार ने विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिवस का उद्देश्य लोगों को फेफड़ों के कैंसर के कारणों, लक्षणों, बचाव एवं उपचार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान के अलावा वायु प्रदूषण, पैसिव स्मोकिंग, एस्बेस्टस तथा अन्य हानिकारक रसायनों के संपर्क में आने से भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सेमेस्टर-5 की छात्रा जस्मीन परवीन को ‘बेस्ट पोस्टर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ.जितेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ.के.मिश्रा, डॉ.सुशील कुमार, डॉ.योगेश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।





