हिन्दी दिवस के अवसर पर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त नें प्रमंडलवासियों से हिन्दी भाषा के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए सभी नागरिकों को एकजुट और प्रतिबद्ध होने का किया आह्वान

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १४ सितम्बर
आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर गिरिवर दयाल सिंह के निदेश पर प्रमंडलीय राजभाषा कार्यालय के तत्वाधान में नगर भवन-सह-पुस्तकालय में हिन्दी दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिन्दी को बढ़ावा देने हेतु पदाधिकारियों, कर्मियों एवं उपस्थित अन्य लोगों के बीच विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित की गई। हिन्दी के प्रोत्साहन, संवर्द्धन एवं संरक्षण पर आधारित मौलिक विषयों पर कहानी एवं कविता का आयोजन किया गया। ‘‘हिन्दी भाषा राष्ट्र को जोड़ती है‘‘ विषय पर परिचर्चा एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘मेरे जीवन की सर्वोतम घटना’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उप-निदेशक, राजभाषा, प्रमंडलीय राजभाषा कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल-सह-आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्द्धन एवं राष्ट्र निर्माण में इसकी महती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रमंडलीय आयुक्त के निदेश पर आयुक्त कार्यालय द्वारा हिन्दी भाषा के वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार हेतु लगातार कार्य किया जा रहा है। सभी कार्यालयों में सरकारी कामकाज हिन्दी में किया जा रहा है। हिन्दी के व्यापक स्वरूप की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दी को देश के सभी सूबे के लोग समझते हैं और हिन्दी अब अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त कर चुकी है। इस अवसर पर आयोजित सेमिनार एवं व्याख्यान में अधिकारियों तथा कर्मियों द्वारा राजभाषा हिन्दी की महत्ता एवं उसकी भूमिका विषय पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्त्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों तथा गणमान्य व्यक्तियों ने भी हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने हिन्दी दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाने और सभी काम-काज हिन्दी में करने का अनुरोध किया।पदाधिकारियों ने अपनी भाषा हिन्दी में कामकाज करने में गौरव महसूस करने का अनुरोध किया। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है। इसके विकास के लिए हम सभी दृढ़ संकल्पित हैं। इस समारोह में सभी विधाओं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। हिन्दी दिवस के अवसर पर प्रमंडलवासियों के नाम अपने एक संदेश में प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है। इसके संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए हम सबको प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 14 सितम्बर, 1949 को संविधान सभा द्वारा हिन्दी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकारा गया। संविधान के भाग XVII में अनुच्छेद 343 से 351 तक आधिकारिक भाषा का प्रावधान है। इसके अध्याय 1 में भारतीय संघ की भाषा का वर्णन किया गया है। इस अध्याय के अनुच्छेद 343 में संघ की आधिकारिक भाषा का उल्लेख है। अनुच्छेद 343(1) के अनुसार भारतीय संघ की आधिकारिक भाषा देवनागरी लिपि में हिन्दी है। आठवीं अनुसूची में हिन्दी के साथ 22 भाषा को शामिल किया गया है। अनुच्छेद 351 में हिन्दी भाषा के प्रसार एवं विकास के लिए उल्लेख किया गया है। अतः हिन्दी भाषा के विकास के लिए प्रयास करना हम सबका संवैधानिक दायित्व है।





