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जिला पदाधिकारी (DM) ने सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनियमितता बरतने के आरोप में राजस्व कर्मचारी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का दिया निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २० अगस्त

जिला पदाधिकारी (DM) कुमार गौरव ने सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनियमितता बरतने के आरोप में मुशहरी अंचल के राजस्व कर्मचारी वीरेंद्र राम पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने मुशहरी एवं मोतीपुर अंचल से जुड़े गंभीर मामलों में संबंधित राजस्व कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी, निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। मुशहरी अंचल अन्तर्गत मौजा महम्मदपुर काजी थाना नम्बर-344, खाता नम्बर-381, खेसरा नम्बर-144 (क,ख,ग,घ) से संबंधित दाखिल खारिज वाद संख्या-7393/2025-26 हेतु दिये वसीयतनामा तथा व्यवहार न्यायालय द्वारा सत्यापित सच्ची प्रतिलिपि पूर्णतः भिन्न रहने के संबंध में राजस्व कर्मचारी द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति घोर शिथिलता, निष्क्रियता एवं विभागीय नियमों की अनदेखी करते हुए कार्य किया गया है एवं वसीयतनामा में भी छेड़छाड़ किया गया है। वर्तमान में राजस्व कर्मचारी का स्थानान्तरण पूर्वी चम्पारण में हो गया है। आयुक्त तिरहुत प्रमंडल के आदेश के आलोक में जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने समाहर्ता पूर्वी चम्पारण को पत्र निर्गत कर यथाशीघ्र वीरेन्द्र राम राजस्व कर्मचारी को निलंबन करने का अनुरोध किया गया है। वहीं, मोतीपुर अंचल के राजस्व कर्मचारी नागेन्द्र कुमार ठाकुर के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। उनके विरुद्ध आरोप पत्र प्रपत्र-‘क’ गठित कर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, मुजफ्फरपुर को विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। यह मामला मोतीपुर अंचल अंतर्गत बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी कर उसे निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित किए जाने से संबंधित है। सरकारी भूमि से जुड़े इस गंभीर मामले को जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेते हुए भूमि सुधार उप-समाहर्ता, पूर्वी से प्राप्त पत्र एवं आरोप पत्र प्रपत्र-‘क’ के आलोक में विभागीय कार्रवाई संचालित करने का आदेश दिया है। इसके लिए अपर समाहर्ता, विभागीय जांच को संचालन पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही एवं भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का अक्षरशः पालन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकारी भूमि एवं आम लोगों से जुड़े राजस्व मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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