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जनगणना-2027 को लेकर अभियान तेज, 1 मई तक 1,09,797  स्व-गणना पूरी; 2 मई से घर-घर सर्वे शुरू, डीएम ने बंदरा के मतलुपुर पंचायत में जनगणना कार्य का निरीक्षण किया 

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार

मुजफ्फरपुर जिले में जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। 1 मई तक जिले में कुल 1 लाख 9 हजार 797 लोगों ने स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके बाद अब 2 मई से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर गणना का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसमें निर्धारित 33 बिंदुओं पर प्रत्येक परिवार से विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को लेकर सभी प्रगणकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों- एचएलबी में घर-घर भ्रमण कर सही, सटीक एवं प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करें और उसे निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार डिजिटल माध्यम में प्रविष्ट करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं और नीतियों की नींव होंगे, इसलिए इसमें किसी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस बाबत जिलाधिकारी ने बंदरा प्रखंड अंतर्गत मतलुपुर पंचायत का स्थलीय भ्रमण कर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रगणकों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक घर तक पहुंचकर सभी प्रश्नों के उत्तर सावधानीपूर्वक दर्ज किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। इस बार जनगणना में कुल 33 प्रश्नों के आधार पर डेटा संग्रह किया जा रहा है। इन प्रश्नों में मकान से संबंधित जानकारी जैसे मकान संख्या, निर्माण सामग्री, उपयोग एवं स्थिति के अलावा परिवार से संबंधित विवरण जैसे परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, रोजगार आदि शामिल हैं। इसके साथ ही जल, स्वच्छता एवं ऊर्जा से जुड़ी जानकारी जैसे पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, ईंधन का प्रकार और बिजली की स्थिति भी दर्ज की जा रही है। इसके अतिरिक्त घरेलू उपकरणों की उपलब्धता जैसे टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा, वाहन आदि की जानकारी भी एकत्र की जा रही है, जिससे सामाजिक-आर्थिक स्थिति का व्यापक आकलन किया जा सके। यह समग्र डेटा भविष्य में विकास योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग करें और प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और इनका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाता है, साथ ही जिलाधिकारी ने लोगों को सतर्क करते हुए यह भी कहा है कि जनगणना के नाम पर किसी भी प्रकार की अफवाहों या धोखाधड़ी से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक खाता या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। जनगणना के लिए अधिकृत प्रगणक केवल निर्धारित 33 प्रश्नों से संबंधित जानकारी ही लेते हैं और वे किसी भी प्रकार की संवेदनशील या वित्तीय जानकारी नहीं मांगते। जो लोग स्व-गणना नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह घर-घर सर्वेक्षण प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। प्रगणक प्रत्येक घर में जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और निर्धारित समयसीमा के भीतर इस कार्य को पूर्ण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को निर्देश दिया है कि वे जनगणना कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसी भी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जनगणना प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता के साथ संपन्न हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है।  इसलिए सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और प्रशासन का सहयोग करें।

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