मुख्यमंत्री के द्वारा मुजफ्फरपुर जिले के 7968 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र के अधिष्ठापन का आनलाइन कार्यारंभ, आजीवन मिलेगी मुफ्त, स्वच्छ एवं हरित सौर ऊर्जा

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १४ जून
सरकार के सतत एवं प्रभावी प्रयास से आज गांव-गांव और घर-घर तक निर्वाध बिजली पहुंच चुकी है तथा 125 यूनिट फ्री बिजली की सुविधा मिल रही है। विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ अब सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को सौर ऊर्जा से जोड़ना है ताकि लोगों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक लाभ भी मिल सके। इस क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मुजफ्फरपुर जिले के 16 प्रखंडों की 80 चयनित पंचायतों के कुल 42,776 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं मे से फर्स्ट फेज मे 7968 घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र के अधिष्ठापन द्वारा आजीवन मुफ्त, स्वच्छ और हरित बिजली उपलब्ध कराने की योजना का ऑनलाइन कार्यारंभ विद्युत भवन पटना मे आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम मे किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुजफ्फरपुर समाहरणालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर की कुटीर ज्योति उपभोक्ता, मुसहरी के राजेपुनास गाँव निवासी नीलम देवी ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए अपनी अनुभव साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल के कारण उन्हें 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का मासिक खर्च काफी कम हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले बिजली बिल की चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब बची हुई राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य एवं अन्य घरेलू आवश्यकताओं पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब सोलर सिस्टम के माध्यम से आजीवन मुफ्त बिजली मिलने से परिवार को और अधिक आर्थिक राहत मिलेगी। इसके लिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान विधायक अजीत कुमार, जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, सभी कार्यपालक अभियंतागण, जिला स्तरीय अधिकारीगण, तथा बड़ी संख्या में लाभुक एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। योजना के प्रथम चरण में जिले के 7,968 पात्र उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रत्येक लाभार्थी के घर पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाएगा, जिसमें 550 वॉट क्षमता के दो सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी तथा उपभोक्ताओं का बिजली व्यय लगभग समाप्त हो जाएगा। योजना के प्रथम चरण में जिले के सभी 16 प्रखंडों से पांच-पांच पंचायतों का चयन किया गया है। कुल 80 पंचायतों में 42,776 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं की पहचान की गई है जिसमे से प्रथम चरण मे 7968 उपभोक्ताओं के घरो मे रूफटाप सोलर पैनल लगाये जाएंगे।परियोजना के माध्यम से जिले में 87.65 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रखंडवार चयनित पंचायतें एवं लाभार्थियों में कटरा प्रखंड के यजुआर मिडिल (504), कटाई (623), मधेपुरा (515), शिवदासपुर (951) तथा सोनपुर (282) पंचायत का चयन किया गया है। इन पंचायतों में कुल 2,875 उपभोक्ता हैं। सकरा प्रखंड के जगदीशपुर बघनगरी (334), रामपुर कृष्णा (796), मिश्रौलिया (1060), बेरादीह (1132) एवं सरमस्तपुर (948) पंचायत में कुल 4,270 उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं। के मीनापुर प्रखंड गोरिगामा (220), पैगंबरपुर (99), पिपराहन असली (277), तुर्की पूर्वी (323) तथा मझौलिया (239) पंचायत में कुल 1,158 उपभोक्ता शामिल हैं। के मुसहरी प्रखंड अब्दुल नगर उर्फ माधोपुर (338), डुमरी (505), छपरा मेघ (132), मनिका हरिकेश (244) एवं मुसहरी राधा नगर (500) पंचायत में कुल 1,719 उपभोक्ता हैं। मुरौल प्रखंड के पिलखी गजपति (627), इठा रसूलपुर (705), मोहम्मदपुर बादल (592), मुरौल एनपी (519) तथा सादिकपुर मुरौल (767) पंचायत में कुल 3,210 उपभोक्ता चयनित हैं। गायघाट प्रखंड के बरुआरी (172), बोआरी डीह (319), जमालपुर कोदई (476), जरंग पूर्वी (238) एवं लोमा (446) पंचायत में कुल 1,651 उपभोक्ता हैं। बंदरा प्रखंड के बंदरा (1048), मुथलुपुर (1103), पिरापुर (813), रामपुर दयाल (896) एवं तेपरी उर्फ हसन नगर (747) पंचायत में कुल 4,607 उपभोक्ता हैं। कांटी प्रखंड के सदातपुर (210), धमौली पूर्वी (255), धमौली पश्चिमी (225), मणिकपुर नरौतम (235) एवं ढेंमा (129) पंचायत में कुल 1,054 उपभोक्ता चयनित किए गए हैं। मरवन प्रखंड के रकसा (215), गवसरा (136), झखड़ा शेख (186), करजा डीह (211) एवं भटौना (119) पंचायत में कुल 867 उपभोक्ता हैं। कुढ़नी प्रखंड के बसौली (502), चैन हरिशंकर पूर्वी (373), बंगरा बंसीधर (283), अख्तियारपुर परैया (233) तथा शाहपुर मरिचा (292) पंचायत में कुल 1,683 उपभोक्ता हैं। सरैया प्रखंड के मणिकपुर (623), सरैया (680), बहिलवारा रूपनाथ दक्षिण (753), राजारामपुर (624) एवं गिजास (698) पंचायत में कुल 3,378 उपभोक्ता चयनित हैं। पारू प्रखंड के मलाही (483), नेकनामपुर (688), मंगुराहिया (534), पारू उत्तरी (2027) तथा बहादुरपुर (1063) पंचायत में कुल 4,795 उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। मोतीपुर प्रखंड के इब्राहिमपुर (597), जतौलिया (535), कल्याणपुर हरौना (626), मंगुराहा ताजपुर (555) एवं पकड़ी (542) पंचायत में कुल 2,855 उपभोक्ता शामिल हैं। साहेबगंज प्रखंड के बसंतपुर चैनपुर (598), पकड़ी बसारत (540), परसौनीनाथ (667), प्रसौनी राज (591) एवं रामपुर भेरियाही (743) पंचायत में कुल 3,139 उपभोक्ता हैं। औराई प्रखंड के घनश्यामपुर (561), अलमपुर सिमरी (789), औराई (826), अमनौर (778) एवं भलभंगामा (616) पंचायत में कुल 3,570 उपभोक्ता चयनित किए गए हैं। बोचहां प्रखंड के पटियासा (275), उनसर (224), विशनपुर जगदीश (312), नरमा (350) एवं सहिलारामपुर (137) पंचायत में कुल 1,298 उपभोक्ता हैं। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मुजफ्फरपुर जिले में लगभग 48.20 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। प्रत्येक सोलर प्लांट की अनुमानित लागत 60,500 रुपये निर्धारित की गई है। योजना के तहत चयनित एजेंसी द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, तकनीकी सहायता एवं आवश्यक रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिले के सभी 16 प्रखंडों में एक साथ कार्य प्रारंभ किया जाएगा। प्रारंभ में प्रत्येक प्रखंड की एक पंचायत को प्राथमिकता देते हुए वहां के सभी इच्छुक एवं पात्र कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। इसके बाद अन्य पंचायतों में क्रमवार विस्तार किया जाएगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रति लोगों में व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले में अब तक कुल 4,521 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,319 घरों में सोलर पैनल का अधिष्ठापन पहले ही किया जा चुका है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को शीघ्र योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। यह योजना न केवल बिजली बिल से राहत प्रदान करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा तथा गरीब परिवारों की आय में अप्रत्यक्ष वृद्धि होगी। जिला पदाधिकारी श्री सेन ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य बीपीएल एवं कुटीर ज्योति परिवारों को आजीवन स्वच्छ, हरित एवं मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। उन्होंने पात्र परिवारों से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर घर तक बिजली पहुंचाने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के बाद अब मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक पात्र उपभोक्ता को सोलर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है। यह योजना गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





