स्थानीय सांसद-सह-अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) नें विभिन्न सरकारी विभागों की प्रगति और जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, १३ जून
सीतामढ़ी के स्थानीय सांसद-सह-अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा), देवेश चंद्र ठाकुर ने समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित ‘दिशा’ की बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों की प्रगति और जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया, जहाँ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया गया। बैठक में सांसद शिवहर लवली आनंद, सदस्य बिहार विधान परिषद् वंशीधर बृजवासी, विधायक सीतामढ़ी सुनील कुमार पिंटू, विधायक रुन्नीसैदपुर पंकज मिश्रा, विधायक परिहार गायत्री देवी, विधायक बथनाहा अनिल कुमार, विधायक रीगा बैद्यनाथ प्रसाद, विधायक बेलसंड अमित कुमार, जिलाधिकारी रिची पांडेय, मेयर रौनक जहां परवेज, जिला परिषद अध्यक्ष अदिति कुमारी, 20 सूत्री उपाध्यक्ष मनीष कुमार गुप्ता एवं सत्येंद्र सिंह कुशवाहा, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख एवं अन्य जनप्रतिनिधि, डीडीसी संदीप कुमार,एडीएम संजीव कुमार उपस्थित थे। बैठक के दौरान भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति और भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विकास कार्यों की गति बढ़ाएं और किसी भी पात्र लाभार्थी को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दें। जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों और जनसमस्याओं पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करते हुए उन्हें समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने को कहा गया। बैठक में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि और सड़क निर्माण (लोक निर्माण) जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया। स्थानीय सांसद-सह- अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) श्री ठाकुर ने दिशा की बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा के क्रम में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सभी पदाधिकारी अपने दायित्व का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करें. बैठक में जन प्रतिनिधियों के द्वारा इस बात को लेकर नाराजगी प्रकट की गई कि विकास के लिए जो योजनाएं लीं जाती हैं उनका अंचल अधिकारियों के द्वारा ससमय एनओसी प्राप्त नहीं हो पाता है। इससे कार्य में अनावश्यक विलंब होता है। इस पर जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का एनओसी एक सप्ताह के अंदर दिलाई जाय। बैठक में आईसीडीएस, उद्योग विभाग, कौशल विकास, स्वच्छता मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम,प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, एनएलआरएमपी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान से संबंधित चलाए जा रहे कार्यक्रमों इत्यादि की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश अध्यक्ष के द्वारा दिए गए।







