बिहारराज्यलोकल न्यूज़

RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के वैश्विक विस्तार के लिए निर्यात जागरूकता (Export Awareness) कार्यशाला आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २९ अक्टूबर

भारत सरकार और बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा संचालित RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के वैश्विक विस्तार के लिए जिला उद्योग केंद्र, मुजफ्फरपुर में निर्यात जागरूकता (Export Awareness) कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के निवेशकों/उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, विजय शंकर प्रसाद ने कहा की इस प्रकार के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को निर्यात (Export) के अवसरों, अंतरराष्ट्रीय बाजार की प्रक्रियाओं और वैश्विक मानकों से अवगत कराना, मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों (जैसे शाही लीची, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और वस्त्र) को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करना, निर्यात के लिए आवश्यक लाइसेंस जैसे IE Code (Import Export Code), सीमा शुल्क (Customs) प्रक्रियाओं और विभिन्न आवश्यक प्रमाणपत्रों की जानकारी देना, RAMP योजना के तहत मिलने वाले वित्तीय अनुदान, बाजार विकास सहायता और तकनीकी उन्नयन के बारे में विस्तार से बताना और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों (जैसे BIS या वैश्विक प्रमाणन) को बनाए रखने के तरीकों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान करना है। इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक, मुजफ्फरपुर के प्रतिनिधि शशांक शेखर, नीतीश कुमार, सहायक प्रबंधक, ईपीसीएच, पटना, निर्यात् परामर्शी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना रिशु राज, श्रीधर नारायण, एमआईएस, रैम्प टीम, उद्योग विभाग, बिहार, पटना एवं डाक अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के प्रतिनिधि सुमीत कुमार तथा मुकेश कुमार, विपणन पदाधिकारी, डाक विभाग ने सहभागिता की। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को निर्यात व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया, निर्यात संबंधी आवश्यक दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने के उपायों तथा निर्यात के माध्यम से व्यवसाय के विस्तार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी दी गई साथ ही, निर्यात को प्रोत्साहित करने में बैंकिंग संस्थानों एवं डाक विभाग की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने, बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने तथा उपलब्ध निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button