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PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २८ अक्टूबर

जिला सड़क सुरक्षा समिति के तत्वावधान में मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभाकक्ष में PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला परिवहन पदाधिकारी प्रियंका सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ.सुधीर कुमार, अभिजीत अखिलेश, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, बिमला कुमारी, आयुष्मान भारत के नोडल पदाधिकारी सहित जिले के सभी थानों के थानाध्यक्ष तथा आयुष्मान भारत से संबद्ध अस्पतालों के प्रतिनिधि एवं संचालक उपस्थित रहे। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीमती सिन्हा ने PM-RAHAT योजना की महत्ता एवं जनोपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपचार में होने वाली देरी को रोकना है। योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान घायल व्यक्ति को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर उसकी जान बचाने की संभावना बढ़ाई जा सकती है। इसलिए यह आवश्यक है कि दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक स्थिति अथवा भुगतान संबंधी चिंता के कारण उपचार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है तथा घायल व्यक्ति को योजना से संबद्ध निकटतम अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया जा सकता है। यदि घटनास्थल के निकट कोई संबद्ध अस्पताल उपलब्ध नहीं हो, तो घायल व्यक्ति को निकटतम उपयुक्त अस्पताल में तत्काल आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए तथा उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप आगे के उपचार हेतु संबद्ध अस्पताल में रेफर किया जा सकता है। कार्यशाला में योजना के अंतर्गत उपचार एवं सत्यापन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल द्वारा सर्वप्रथम दुर्घटना पीड़ित का आवश्यक उपचार प्रारंभ किया जाना चाहिए। इसके पश्चात TMS पोर्टल पर संबंधित विवरण दर्ज कर सत्यापन हेतु संबंधित पुलिस थाने को भेजा जाएगा। आवेदन प्राप्त होने पर संबंधित थानाध्यक्ष अथवा नामित नोडल पदाधिकारी को SMS के माध्यम से सूचना प्राप्त होगी। संबंधित थाना द्वारा निर्धारित 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर मामले की जाँच एवं सत्यापन किया जाना आवश्यक है। पुलिस सत्यापन के उपरांत पात्र दुर्घटना पीड़ित को योजना के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक के कैशलेस उपचार का लाभ मिल सकेगा। कार्यशाला में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अस्पतालों को निर्देशित किया गया कि TMS पोर्टल पर विवरण दर्ज करने, पुलिस सत्यापन हेतु आवेदन भेजने तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के कारण उपचार प्रारंभ करने में किसी प्रकार की देरी नहीं की जाए। उपचार तत्काल प्रारंभ करते हुए संबंधित ऑनलाइन एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएँ नियमानुसार पूरी की जाएँ, ताकि पात्र दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई न हो। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने अस्पतालों के प्रतिनिधियों एवं संचालकों को निर्देश दिया कि PM-RAHAT योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अस्पताल परिसर में प्रमुख एवं सहजदृश्य स्थानों पर बैनर एवं फ्लेक्स लगाए जाएँ। इन प्रचार सामग्रियों में योजना के प्रमुख प्रावधानों, कैशलेस उपचार की निर्धारित सीमा, उपलब्ध सुविधाओं तथा उपचार प्राप्त करने की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि आम नागरिकों, दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके परिजनों को योजना के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल प्रबंधन अपने कर्मियों को योजना की प्रक्रिया से अवगत कराएँ तथा दुर्घटना पीड़ितों के उपचार एवं योजना के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता एवं तत्परता बरतें। कार्यशाला में यह भी चर्चा की गई कि PM-RAHAT योजना का लाभ अधिकाधिक पात्र दुर्घटना पीड़ितों तक पहुँचाने के लिए केवल अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग एवं संबंधित अस्पतालों के बीच प्रभावी समन्वय भी आवश्यक है। इस क्रम में सभी संबंधित थानाध्यक्षों एवं पुलिस पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि योजना के अंतर्गत प्राप्त मामलों का निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन सुनिश्चित करें, जिससे पात्र दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब न हो। कार्यशाला के माध्यम से सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं अस्पताल प्रतिनिधियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक जन-जागरूकता तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुपालन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार को जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए इसके क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभागों एवं संस्थानों से सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की गई। जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने पर यथाशीघ्र सहायता उपलब्ध कराएँ तथा आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क करें। PM-RAHAT योजना का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा आर्थिक कारणों से उपचार में होने वाली बाधाओं को दूर करना है। योजना की सफलता के लिए जन-जागरूकता, त्वरित उपचार एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

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