बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के कुलपति ने ‘भारत बौद्धिक परीक्षा 2026’ के पोस्टर का किया लोकार्पण

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १५ अक्टूबर
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के कुलपति प्रो.(डॉ.) दिनेश चंद्र राय ने ‘भारत बौद्धिक परीक्षा 2026’ के पोस्टर का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. (डॉ.) विपिन कुमार राय उपस्थित रहे। लोकार्पण कार्यक्रम कुलपति डॉ. दिनेश चंद्र राय के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर आयोजित किया गया था। पोस्टर विमोचन के दौरान उन्होंने इस परीक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की यह परीक्षा देश की युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूक करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता, संस्कृति और समृद्ध बौद्धिक विरासत से गहराई से परिचित कराना है। कुलपति ने कहा कि हमारी ज्ञान परंपरा में जीवन, समाज, शिक्षा, दर्शन, विज्ञान और मानवीय मूल्यों से संबंधित गहरा व व्यापक ज्ञान समाहित है, जिसे समझना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके माध्यम से युवाओं को देश की सभ्यता, संस्कृति के महत्व को न सिर्फ जानने बल्कि उसे अपने व्यावहारिक जीवन में आत्मसात करने का बेहतरीन अवसर प्राप्त होगा। इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तर बिहार प्रांत के अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) रजनीश कुमार गुप्ता ने भारतीय ज्ञान परंपरा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ना आवश्यक है। भारतीय चिंतन, दर्शन, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के अध्ययन से विद्यार्थियों का बौद्धिक एवं नैतिक विकास होता है। भारत बौद्धिक परीक्षा इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर आयोजित की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जिज्ञासा, जागरूकता और गौरवबोध विकसित हो सके। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तर बिहार प्रांत के सचिव डॉ.अमर बहादुर शुक्ला ने जानकारी दी कि भारत बौद्धिक परीक्षा का आयोजन 21 नवंबर 2026 को देशभर में किया जाएगा। इसमें उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और झारखंड प्रांत के अंतर्गत आने वाले विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को समझने और अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। डॉ. शुक्ला ने परीक्षा के राष्ट्रीय पुरस्कारों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपये का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। द्वितीय राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में 50-50 हजार रुपये की राशि दो प्रतिभागियों को दी जाएगी। तृतीय राष्ट्रीय पुरस्कार के अंतर्गत 25-25 हजार रुपये की राशि चार प्रतिभागियों को प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 380 प्रतिभागियों को 2,500 रुपये प्रति प्रतिभागी की दर से सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कारों की यह व्यवस्था विद्यार्थियों को परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तर बिहार प्रांत के सह-सचिव डॉ. ललित किशोर, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तर बिहार प्रांत के सदस्य एवं प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल उपस्थित रहे।




