साइबर थाना द्वारा तकनीकी अनुसंधान एवं त्वरित त्वरित कार्रवाई के बल पर कई उल्लेखनीय सफलताएं की गई हासिल

ध्रुव कुमार सिंह, हाजीपुर, वैशाली, बिहार, ०३ अक्टूबर
वैशाली जिला पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वरीय पुलिस अधीक्षक, शुभांक मिश्रा के निर्देशन में साइबर थाना, हाजीपुर द्वारा माह सितंबर 2026 में तकनीकी अनुसंधान एवं त्वरित त्वरित कार्रवाई के बल पर कई उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की गई हैं। इस अवधि के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और उपलब्धियों का विवरण देते हुए साइबर थाना अध्यक्ष-सह-पुलिस उपाधीक्षक (DSP) चाँदनी सुमन नें बताया की साइबर अपराध के विभिन्न मामलों की गंभीरता को देखते हुए इस माह कुल 04 नई प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। बंधपत्र (Bond execution): संदिग्ध गतिविधियों और जांच के दायरे में आए 02 व्यक्तियों से नियमानुसार बंधपत्र (Bond) भरवाया गया है। पुराने या फरार चल रहे अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के तहत 01 मामले में इश्तेहार की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। साइबर थाना की तकनीकी टीम ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) और विभिन्न बैंकों के साथ त्वरित समन्वय स्थापित कर पीड़ित नागरिकों की गाढ़ी कमाई को बचाने में बड़ी सफलता हासिल की है. साइबर ठगी का शिकार हुए खातों से कुल ₹62,99,995/- (बासठ लाख निन्यानवे हजार नौ सौ पचानवे रुपये) की राशि को विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज/होल्ड कराया गया ताकि इसे अपराधियों तक पहुँचने से रोका जा सके। ठगी गई राशि में से कुल ₹17,47,022/- की रकम को सीधे पीड़ितों के खातों में वापस (Refund) कराया गया। इसके अतिरिक्त, MRM (Mechanism for Refund Money) पोर्टल के प्रभावी उपयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹21,08,012/- की अतिरिक्त राशि पीड़ितों को रिफंड कराई जा चुकी है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने, आपत्तिजनक सामग्री डालने या फ्रॉड करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी गई. नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 331 सोशल मीडिया हैंडल्स/यूआरएल (URLs) के विरुद्ध त्वरित संज्ञान लेते हुए आईटी एक्ट के तहत टेकडाउन नोटिस जारी किए गए। साइबर थाना अध्यक्ष-सह-पुलिस उपाधीक्षक (DSP) नें आम जनता से अपील किया की वे किसी भी अज्ञात कॉल, लॉटरी के झांसे, अनजान लिंक या ओटीपी (OTP) साझा करने वाले फ्रॉड से सावधान रहें। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या तुरंत साइबर थाना, वैशाली से संपर्क स्थापित करें।





