ललित नारायण तिरहुत (एलएनटी) महाविद्यालय में ‘भारतीय छात्र आंदोलन: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, वर्तमान चुनौतियां एवं समकालीन प्रासंगिकता’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २६ सितम्बर
ललित नारायण तिरहुत (एलएनटी) महाविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा ‘भारतीय छात्र आंदोलन: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, वर्तमान चुनौतियां एवं समकालीन प्रासंगिकता’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया है। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलानुशासक सह इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.अजीत कुमार नें कहा कि छात्र आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक बदलाव का भी सशक्त माध्यम हैं। छात्र आज भी समाज में व्याप्त विसंगतियों, भ्रष्टाचार और नीतियों में मनमाने बदलावों (जैसे हालिया शिक्षक भर्ती या शुल्क विसंगतियां) के खिलाफ आवाज उठाने वाले सबसे सजग प्रहरी हैं। शैक्षणिक निकायों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में छात्रों का प्रतिनिधित्व आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था, ताकि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके। संगोष्ठी में इतिहास से लेकर वर्तमान परिदृश्य के आधार पर गहन मंथन किया गया. संगोष्ठी में 1905 के बंग-भंग आंदोलन से लेकर महात्मा गांधी के आह्वान पर आजादी की लड़ाई में छात्रों के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित किया गया। वर्ष 1974 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलन (जेपी आंदोलन) का विशेष उल्लेख किया गया, जिसने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉ.ममता रानी ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र आंदोलनों के मूल मुद्दों (जैसे शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्तियां) से भटककर विशुद्ध राजनीतिक टूल बनने पर चिंता व्यक्त की गई। आधुनिक दौर में आंदोलनों का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म और एल्गोरिदम-संचालित विद्रोही विमर्श तक सिमट रहा है, जिससे जमीनी लामबंदी प्रभावित होती है। परिसरों में बढ़ती अनुशासनहीनता के नाम पर होने वाली प्रशासनिक कार्रवाइयां और निषेधाज्ञाएं भी रचनात्मक छात्र विरोध के आड़े आती हैं। इस अवसर पर जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के यदुनंदन महाविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ.अभय कुमार, मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ.विजयेंद्र झा, वाणिज्य विभाग के डॉ.मो.फिरोज आलम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थें. संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं ने वक्ताओं से विभिन्न विषयों पर सवाल भी पूछे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.जयप्रकाश ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ.रूमा ने किया।





