एमआईटी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम का शुभारंभ, बिहार का प्रथम “रैगिंग-मुक्त तकनीकी संस्थान” घोषित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २९ जुलाई
मुज़फ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए आयोजित “ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम” का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 4 प्राप्त करने वाले आईएएस अधिकारी राघव झुनझुनवाला, पूर्वी अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) आनंद उत्सव, तथा आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी, बीएएस की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री सिंह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब आप सभी एमआईटी परिवार का हिस्सा बन चुके हैं और निकट भविष्य में एमआईटी को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने परिसर में रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करते हुए स्पष्ट कहा कि रैगिंग करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रावासों की व्यवस्था में व्यापक सुधार, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, आरओ युक्त पेयजल व्यवस्था तथा भोजन निर्माण में भी शुद्ध जल के उपयोग के बारे में जानकारी दी I उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि समय सबसे मूल्यवान संपत्ति है। यदि आप समय का सम्मान नहीं करेंगे तो समय भी आपका साथ नहीं देगा। विद्यार्थियों को अर्जुन की भाँति अपने लक्ष्य पर एकाग्र रहने, एक समय में एक ही उद्देश्य पर पूरी निष्ठा से कार्य करने तथा निरंतर अध्ययन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिनाइयों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी शक्ति बनाकर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को अपने क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास करना चाहिए, नियमित टाइम-टेबल बनाकर अध्ययन करना चाहिए तथा प्रतिदिन अपने समय का ‘टाइम ऑडिट’ कर यह मूल्यांकन करना चाहिए कि समय का कितना सदुपयोग और कितना दुरुपयोग हुआ। श्री सिंह ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और शिक्षकों का सदैव सम्मान करने, प्रतिदिन अपने अभिभावकों से संवाद बनाए रखने तथा सोशल मीडिया और अनावश्यक मोबाइल ऐप्स से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनेक कठिनाइयाँ आएँगी, लेकिन लक्ष्य प्राप्त होने तक निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और अनुशासित जीवन अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि ‘जब जागो तभी सवेरा’ और प्रत्येक दिन नई शुरुआत का अवसर लेकर आता है। उन्होंने संस्थान में कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कक्षाओं के संचालन, छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा परिसर के समग्र विकास की भी घोषणा की। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि संकल्प दृढ़ हो तो समुद्र की गहराई भी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। अपने संबोधन के दौरान आयुक्त श्री सिंह ने एमआईटी को बिहार का प्रथम “रैगिंग मुक्त तकनीकी संस्थान” घोषित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संस्थान में रैगिंग के प्रति पूर्णतः शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि रैगिंग में संलिप्त पाए जाने वाले छात्रों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की भी शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक नवप्रवेशी छात्र-छात्रा अपने प्रवेश के अवसर पर एक पौधा लगाएगा तथा अपने चार वर्षीय अध्ययनकाल के दौरान उसके संरक्षण, संवर्धन एवं नियमित देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक दायित्व के प्रति सकारात्मक सोच का भी विकास करेगी। अपने प्रेरणादायी संबोधन में आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” सम्मान की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि संस्थान के टॉपर्स की माताओं को उनके त्याग, समर्पण और योगदान के सम्मानस्वरूप प्रतीकात्मक रूप से फलों से तौलकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके जीवन में माता-पिता का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त है, तो वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली समझें तथा उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और मेहनत से अध्ययन करें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र को अपने-अपने क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (श्रेष्ठ विशेषज्ञ) बनने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। निरंतर अध्ययन, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़कर ही जीवन में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अनुप्रयुक्त विज्ञान विभाग के डॉ.मनोज कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत भाषण के माध्यम से अभिनंदन किया। उन्होंने संस्थान की ओर से उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, नवप्रवेशी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का हार्दिक स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान एमआईटी के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 4 प्राप्त करने वाले आईएएस अधिकारी राघव झुनझुनवाला ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस अवसर पर आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम में सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को रैगिंग निषेध की शपथ दिलाई गई, ताकि संस्थान का शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित, अनुशासित, सौहार्दपूर्ण एवं भयमुक्त बना रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. वाई. एन. शर्मा (विद्युत अभियंत्रण, कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष) ने सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के रजिस्ट्रार एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ.रजनीश कुमार, इंडक्शन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अमित कुमार वर्मा सहित संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जिससे पूरे परिसर में उत्साह, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।






