जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २८ जुलाई
जिलाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप-विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता संजीव कुमार के साथ सभी विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े हुए थे। बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रुन्नीसैदपुर का एक दिन का वेतन स्थगित रखने का निर्देश दिया गया। आपूर्ति विभाग के समीक्षा के क्रम में बताया गया कि नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य 44915 के विरुद्ध अब तक 40142 आवेदन प्राप्त हुए हैं।निर्देश दिया गया कि छूटे हुए लाभुकों से आवेदन प्राप्त करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करें। टीबी मुक्त भारत अभियान में निर्धारित लक्ष्य के प्राप्ति के निमित सभी बीडीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ बैठक कर इसके अद्यतन प्रगति की समीक्षा करें। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से लक्षित लाभुकों तक पहुँचना चाहिए तथा कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रखंड स्तरीय विधि-व्यवस्था समन्वय समिति एवं प्रखंड स्तरीय विकास समन्वय समिति की बैठक नियमित एवं अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए तथा बैठक की कार्यवाही समय पर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। संभावित जल संकट की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी चापाकलों एवं नल-जल योजनाओं को हर हाल में क्रियाशील रखा जाए तथा खराब जलापूर्ति योजनाओं की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। जल संकट संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाय।जिलाधिकारी ने शिकायतों के त्वरित निष्पादन तथा बिजली विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, नल-जल योजनाओं की कार्यशीलता, कृषि फीडर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति तथा सामान्य विद्युत व्यवस्था का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की पूर्व तैयारी रखने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में सीमावर्ती बाजारों एवं पंचायतों में संचालित दवा दुकानों के स्टॉक सत्यापन, औषधियों की उपलब्धता तथा वैध लाइसेंस संबंधी जांच नियमित रूप से कराने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़े प्रतिष्ठानों की निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।





