बिहारराज्यलोकल न्यूज़

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कायाकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अभियान के सफल संचालन के मद्देनजर दिए गए आवश्यक निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ११ सितम्बर

जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में कायाकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई एवं इस अभियान के सफल संचालन के मद्देनजर कई आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में उप-विकास आयुक्त श्वेता भारती, सिविल सर्जन डॉ.आरके यादव, अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर राजेश भूषण सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि अन्य पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। बताया गया कि 17 सितंबर से अभियान की शुरुआत होगी जो मार्च 2027 तक चलेगा। इसके तहत प्रत्येक पंचायत से 15 योजनाओं का चयन किया जाना है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को प्रोत्साहित करने की बात कही। SDH/CHC/PHC स्तर पर टॉप प्रदर्शन करने वाले तीन संस्थानों को जिला स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि दीपावली से पूर्व सभी स्वास्थ्य संस्थानों में छोटे-छोटे बुनियादी ढांचागत सुधार, रंग-रोगन, लघु मरम्मत, साफ-सफाई एवं आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए। इन कार्यों को 02 अक्टूबर तक पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। संबंधित संस्थानों को अपने द्वारा किए गए सुधार एवं उपलब्धियों को PPT के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों को सुदृढ़ करने तथा आवश्यकतानुसार नई परिसंपत्तियों के निर्माण को लेकर जिला पदाधिकारी श्री सुल्तानिया के द्वारा आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव, बिहार के निर्देश के आलोक में ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकता के आधार पर लगभग 10–15 योजनाओं को चिह्नित किया जाए। चिह्नित की जाने वाली योजनाओं में ग्राम पंचायत से संबंधित आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण/उन्नयन एवं आवश्यकतानुसार नवीन निर्माण शामिल हैं। इसी प्रकार विद्यालयों के भवन एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सामुदायिक भवनों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण, उन्नयन एवं आवश्यकतानुसार नवीन निर्माण के साथ-साथ स्थानीय जरूरत से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि योजनाओं का चयन करते समय स्थानीय आवश्यकता, जनहित एवं उपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी चयनित योजनाओं की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में जिला स्तर पर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उप-विकास आयुक्त को प्राप्त प्रतिवेदनों का समेकन एवं परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड में इस कार्य के लिए नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य करने तथा योजनाओं के चयन की प्रक्रिया का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया साथ ही, नवीन निर्माण से संबंधित किसी भी योजना के चयन से पूर्व भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि विशेष अभियान के तहत चयनित योजनाएं वास्तव में आवश्यक एवं जनोपयोगी हों तथा उनका क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button