सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए बड़ी राहत की सौगात जारी- मुजफ्फरपुर जिले के 4,03,995 पेंशनधारियों के खातों में कुल 46 करोड़ 46 लाख 4 हजार 100 रुपये पेंशन राशि हस्तांतरित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १० जून
बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए बड़ी राहत की सौगात जारी की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई पेंशन राशि का अंतरण किया गया। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले के 4,03,995 पेंशनधारियों के खातों में मई माह के कुल 46 करोड़ 46 लाख 4 हजार 100 रुपये पेंशन राशि हस्तांतरित की गई। पेंशन राशि में हुई इस ऐतिहासिक वृद्धि तथा राशि के ट्रांसफर से जिले के वृद्धजन, विधवाएं, दिव्यांगजन एवं अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों के बीच उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। राज्य सरकार द्वारा इस विशेष अवसर को “पेंशन उत्सव” के रूप में मनाया गया, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक संबल का संदेश देना है। मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम सहित कई वरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया और लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्य का स्वागत करते हुए इसे गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के कुल 4,03,995 लाभार्थियों के खातों में मई माह की पेंशन राशि का भुगतान किया गया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1,25,009 लाभार्थियों के खाते में 13 करोड़ 77 लाख 59 हजार 100 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 27,073 लाभार्थियों के खाते में 2 करोड़ 99 लाख 56 हजार 600 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के 2,282 लाभार्थियों के खाते में 25 लाख 10 हजार 200 रुपये, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 25,482 लाभार्थियों के खाते में 2 करोड़ 85 लाख 79 हजार 600 रुपये तथा बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना के 20,923 लाभार्थियों के खाते में 2 करोड़ 39 लाख 10 हजार 200 रुपये की राशि भेजी गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के अंतर्गत सर्वाधिक 2,03,226 लाभार्थियों के खातों में 24 करोड़ 18 लाख 88 हजार 400 रुपये का अंतरण किया गया। इस प्रकार विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 46 करोड़ 46 लाख 4 हजार 100 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम में उपस्थित लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री एवं बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ी हुई पेंशन राशि उनके लिए आर्थिक राहत का बड़ा माध्यम बनेगी। कई लाभार्थियों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में ₹400 प्रतिमाह की राशि उनकी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी, जबकि ₹1100 प्रतिमाह मिलने से दवा, भोजन, कपड़े तथा अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में काफी सहायता मिलेगी। लाभार्थियों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उसकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं निराश्रित विधवाओं के लिए यह सहायता सम्मानजनक जीवन जीने का आधार बनेगी। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री सेन ने सभी पेंशनधारियों को बधाई देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र एवं वास्तविक लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, इसी उद्देश्य से जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है। डीएम ने कहा कि जीवन प्रमाणीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि पेंशन राशि का भुगतान केवल जीवित एवं पात्र लाभार्थियों को ही किया जाए। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहती है तथा सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होता है। मुजफ्फरपुर जिले में अब तक 4 लाख 23 हजार 261 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष सभी पेंशनधारियों से अपील की कि वे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), प्रखंड कार्यालय अथवा सरकार द्वारा आयोजित विशेष शिविरों में जाकर जल्द से जल्द जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि उनकी पेंशन का भुगतान बिना किसी बाधा के नियमित रूप से जारी रह सके। पेंशन राशि को लगभग तीन गुना बढ़ाकर ₹1100 प्रतिमाह किए जाने से लाखों लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। वृद्धजन अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर ढंग से कर रहे है। वहीं विधवा एवं दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह राशि नियमित आय का महत्वपूर्ण स्रोत बना है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त राशि घरेलू आय में सहयोगी और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मूल उद्देश्य ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है और यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पेंशन राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से लाभार्थियों को समय पर राशि प्राप्त हो रही है। डीबीटी प्रणाली ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर दी है तथा भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। इससे लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और सरकारी सहायता सीधे उनके खाते तक पहुंचती है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित “पेंशन उत्सव” केवल पेंशन राशि के अंतरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक समावेशन का प्रतीक बनकर उभरा है। यह कार्यक्रम इस बात का संदेश देता है कि सरकार समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और उत्साह इस बात का प्रमाण है कि पेंशन राशि में वृद्धि का निर्णय उनके जीवन पर प्रत्यक्ष एवं सकारात्मक प्रभाव डाला है। लाभार्थियों ने इसे राज्य सरकार की दूरदर्शी एवं मानवीय पहल बताते हुए कहा कि इससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रहा है और सामाजिक सुरक्षा का दायरा और अधिक मजबूत हो रहा है।






