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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) द्वारा आयोजित लघु अवधि का शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २४ मार्च

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) द्वारा आयोजित लघु अवधि का शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों, (NEP 2020) और शैक्षणिक नेतृत्व में सक्षम बनाना था। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समापन सत्र के मुख्य अतिथि सह मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रो.वी.के मल्होत्रा ने उद्बोधन में भारतीय अर्थ चिंतन का सांगोपांग वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थ चिंतन धर्म आधारित है। भारतीय अर्थ चिंतन या हिन्दू अर्थ चिंतन समग्रता में विश्वास करता है जबकि पश्चिमी अर्थ चिंतन एकांगी है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन प्रणाली अंत्योदय और सर्वोदय का लक्ष्य लेकर चलती है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा के सभी आयामों पर प्रमुखता से प्रकाश डाला। समापन सत्र की अध्यक्षता बी आर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने की। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा में शिक्षकों के कौशल को बढ़ाना और नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार करना है। इस कार्यक्रम की विशेषता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के तहत मालवीय मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण देना है। इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों के पेशेवर विकास (Professional Development) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होता है। कुलपति प्रो.राय ने कहा की भारतीय ज्ञान परम्परा केवल ग्रंथो का संकलन मात्र नहीं है बल्कि जीवन सूत्र है। आज जब पूरा विश्व विखंडन से जूझ रहा है वैसे में भारतीय ज्ञान परम्परा वैश्विक संयोजन और विश्व कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भारतीय चिंतन प्रणाली संकल्प से सिद्धि की ओर साधना है। उन्होंने अपेक्षा की हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम भारतीय ज्ञान परम्परा को जीवन सूत्र की तरह अंगीकार करें। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया भारतीय चिंतन को अंगीकार कर रही है, हम भारतीय ही उससे दूरी बना रहे है, यह बेहद चिंता का विषय है। अतिथियों का स्वागत केंद्र के निदेशक प्रो.सतीश कुमार राय ने, सत्र का संचालन पाठ्यक्रम के समन्वयक डॉ.देवेन्द्र प्रताप तिवारी ने और धन्यवाद ज्ञापन केंद्र के उप-निदेशक डॉ.राजेश्वर कुमार ने किया। पाठयक्रम का प्रतिवेदन डॉ. राकेश रंजन ने प्रस्तुत किया। भारतीय ज्ञान परम्परा विषय पर 17 मार्च से 24 मार्च तक प्रतिदिन चार सत्रों में चलने वाले पाठ्यक्रम में देश भर के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अलग अलग विषयों के प्राध्यापक प्रतिभागी के रूप में शामिल रहे। केंद्र के उप-निदेशक डॉ.राजेश्वर कुमार ने बताया की मालवीय मिशन के तहत संचालित लघु अवधि पाठ्यक्रम (STP) 6 कार्य दिवसों (36 घंटे) का होता है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), शैक्षणिक नेतृत्व, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का शिक्षण में उपयोग, और सतत विकास लक्ष्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।

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