बिहार लोक भवन में “विकसित भारत @2047” के विजन को धरातल पर उतारने और राज्य-स्तरीय सुधारों को गति देने के लिए व्याख्यान आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, पटना, बिहार, १० अगस्त
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन में आयोजित एसआईपीए, कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अरविंद पनगढ़िया के “राज्यों के विकास की दिशा में बदलाव- शहरीकरण, रोजगार और सुधार का एजेंडा” विषय पर आयोजित व्याख्यान में भाग लिया। व्याख्यान में विकसित भारत के निर्माण की दिशा में राज्य-स्तरीय सुधारों, शहरीकरण, रोजगार सृजन, सुशासन, वित्तीय अनुशासन और कारोबारी सुगमता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए रणनीतिक विजन और उच्च शिक्षा व प्रशासनिक सुधारों में अपना मार्गदर्शक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने शहरीकरण, रोजगार और आर्थिक प्रगति के मुख्य स्तंभों पर गहन चर्चा और आर्थिक विकास के मुख्य इंजन के रूप में सुनियोजित शहरी क्षेत्रों के विकास पर बल दिया। राज्यपाल नें बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनाने की आवश्यकता बताई गई और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ रखने पर ध्यान केंद्रित किया तथा राज्य में उद्योगों और निवेश को आकर्षित करने के लिए नियमों को सरल और व्यापार-अनुकूल बनाने पर चर्चा की। नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और एसआईपीए (SIPA), कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित प्रोफेसर के तौर पर डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने वैश्विक आर्थिक नीतियों के अनुभव के आधार पर राज्यों के आर्थिक सुधारों का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा की बिहार लोक भवन में आयोजित यह व्याख्यान विकसित भारत @2047 के विजन को धरातल पर उतारने और राज्य-स्तरीय सुधारों को गति देने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। यह व्याख्यान बिहार की नीतियों को आधुनिक आर्थिक और ढांचागत सुधारों के साथ जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।






