पर्व-त्योहार के मद्देनजर लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध करानें, राशन कार्ड निर्गमन एवं ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने, शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने पर जोर

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, १३ अक्टूबर
जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनील कुमार सिन्हा, एसएफसी प्रबंधक अभिराम त्रिवेदी, प्रोजेक्ट इंजीनियर अमित कुमार, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं सभी गोदाम प्रबंधक उपस्थित थे। बैठक में राशन कार्ड निर्गमन, लाभुकों के ई-केवाईसी तथा जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी राशन कार्डधारियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस कार्य में तेजी लाने तथा पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में राशन कार्ड निर्माण एवं निर्गमन की प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में ऑनलाइन प्रविष्टियों के विरुद्ध अब तक 56 प्रतिशत राशन कार्ड निर्गत किए जा चुके हैं। अनुमंडलवार स्थिति के अनुसार, बेलसंड अनुमंडल में 67 प्रतिशत, पुपरी अनुमंडल में 53.80 प्रतिशत तथा सदर अनुमंडल में 55.45 प्रतिशत राशन कार्ड निर्गत किए गए हैं। जिलाधिकारी ने आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर शेष राशन कार्डों के निर्गमन एवं वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए इसका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर राशन कार्ड उपलब्ध हो सके और वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। जिलाधिकारी ने भारतीय खाद्य निगम एवं राज्य खाद्य निगम से संबंधित आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला प्रबंधक, एसएफसी को निर्देश दिया कि जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं को निर्धारित समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि सभी लाभुकों को समय पर राशन मिल सके और वे हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकें। उन्होंने आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।





