जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं क्रियान्वयन समिति की संयुक्त बैठक में बैंकों के लचर प्रदर्शन पर जताई गई कड़ी नाराजगी

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २२ सितम्बर
सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिला परामर्शदात्री समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं क्रियान्वयन समिति की संयुक्त बैठक जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें बैंकों के लचर प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इस महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) श्वेता भारती, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) अनिल कुमार सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) कमल सिंह, बैंकिंग प्रभारी अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (GM-DIC) प्रिया भारती, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रतिनिधि और जिले के सभी प्रमुख बैंकों के जिला समन्वयक व अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि ऋण स्वीकृति (Loan Approval) और वितरण (Disbursement) में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राथमिकता वाली सरकारी योजनाओं और रोजगारपरक ऋणों के मामलों में ढिलाई बरतने वाले बैंकों को शीघ्र सुधार लाने को कहा गया है। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) को निर्देश दिया गया कि वे सभी बैंकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें और कमजोर प्रदर्शन वाले बैंकों के लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करवाएं। जिलाधिकारी श्री सुल्तानिया की अध्यक्षता में आयोजित इस संयुक्त बैठक में जिले के विकास और वित्तीय समावेशन को लेकर कई कड़े निर्देश दिए गए हैं। बैंकों के ढीले रवैये और ऋण (लोन) स्वीकृति में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति और डिस्बर्सल (वितरण) में की जा रही अनावश्यक देरी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लंबित आवेदनों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में उद्योग, लघु उद्योग, सेवा आधारित उद्यम और नए रोजगार पैदा करने के लिए बैंकों को क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो में सुधार करने और ऋण प्रवाह तेज करने को कहा गया है। PMFME (औपचारिक सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना) और पीएम विश्वकर्मा योजना के लंबित आवेदनों को तुरंत निपटाने और पात्र लोगों को समय पर टूलकिट व ऋण सुविधा देने का निर्देश दिया गया। डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े किसानों के लिए ऋण वितरण में तेजी लाने तथा केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। किसी भी विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरी राजस्व वसूली न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को प्रवर्तन कार्रवाई (Enforcement) तेज करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध गतिविधियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। बड़े बकायेदारों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।





