जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में त्वरित विकास हेतु जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद तथा सुदृढ़ समन्वय की आवश्यकता पर प्रभारी मंत्री ने दिया बल

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०६ नवम्बर
मुजफ्फरपुर समाहरणालय (Collectorate) सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री समिति) की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुजफ्फरपुर जिले के प्रभारी मंत्री सह बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल द्वारा की गई, जिसमें जिले में चल रही विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी मंत्री के साथ केन्द्रीय राज्य मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय राजभूषण चैधरी, पर्यटन मंत्री, केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद वीणा देवी, विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी, विधायिका रमा निषाद, बेबी कुमारी, कोमल सिंह, विधायक रंजन कुमार, अजीत कुमार, आदित्य कुमार, राजू कुमार सिंह, अरूण कुमार सिंह, अजय कुमार, महापौर निर्मला साहू, अन्य जन-प्रतिनिधिगण/समिति के सदस्यगण, जिला पदाधिकारी कुमार गौरव, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र, नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह, उप-विकास आयुक्त निशांत सिहारा तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण मौजूद थे। प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री समिति) की समीक्षा बैठक में त्वरित विकास सुनिश्चित करने के लिए जन-प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद तथा मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए जन-प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई क्षेत्रीय समस्याओं और विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों (जैसे बरूराज) में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी लंबित मामलों और योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया गया और यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया कि बिहार सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह से पारदर्शी रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। बैठक में प्रभारी मंत्री द्वारा एजेंडा के अनुसार विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई एवं अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उप-विकास आयुक्त ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण विकास, राजस्व एवं भूमि सुधार, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, बाल संरक्षण इकाई, पंचायती राज, जीविका, जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र (डीआरसीसी), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, नगर विकास एवं आवास, कृषि, लघु जल संसाधन, मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना, पशुपालन, सहकारिता, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, ऊर्जा, वन, श्रम संसाधन, खेल सहित सभी विभागों की योजनाओं में प्रगति तथा अद्यतन स्थिति पर पावर प्वाईंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सदस्यों द्वारा योजनाओं पर विस्तृत विमर्श किया गया। योजनाओं में अद्यतन प्रगति का अवलोकन किया गया। सदस्यों ने योजनाओं के बारे में अपना विचार व्यक्त किया। बैठक में मुजफ्फरपुर नगर निगम के क्षेत्र विस्तार से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। नगर आयुक्त द्वारा इस संबंध में प्रस्तुतीकरण दी गई। आवश्यकता, औचित्य, क्षेत्रफल प्रसार, सम्मिलित किए जानेवाले राजस्व ग्रामों, संबंधित प्रखण्डों एवं प्रस्तावित क्षेत्र की चैहद्दी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। नगर आयुक्त द्वारा समिति के सदस्यों के संज्ञान में लाया गया कि मुजफ्फरपुर शहर में तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ती आबादी तथा शहर के आसपास के क्षेत्रों में विकसित हो रही आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की वर्तमान सीमा के विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मुजफ्फरपुर जिले के चार प्रखंडों यथा मुशहरी, कांटी, मड़वन एवं कुढ़नी के विभिन्न राजस्व ग्रामों को नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित विस्तारित क्षेत्र का कुल रकबा 6,982.45 हेक्टेयर (लगभग 69.82 वर्ग किलोमीटर) तथा वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या 2,16,681 बताई गई। प्रस्तावित क्षेत्र के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल कामगारों की संख्या 63,750 तथा कृषि कामगारों की संख्या 1,335 है। इस प्रकार कृषि कामगारों का अनुपात 2.09 प्रतिशत है। बैठक में प्रस्तावित क्षेत्र का नक्शा, चौहद्दी, राजस्व ग्रामों की सूची, राजस्व थाना संख्या एवं संबंधित जाँच प्रपत्र भी प्रस्तुत किया गया। नगर आयुक्त द्वारा प्रस्ताव के संबंध में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत अपनाई जाने वाली वैधानिक प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। इस विषय पर विचार-विमर्श के दौरान सदस्यों द्वारा प्रस्ताव के संबंध में अनेक सुझाव प्रस्तुत किए गए। सदस्यों ने कहा कि नगर निगम के क्षेत्र विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रस्ताव को अंतिम रूप देने अथवा प्रारूप अधिसूचना जारी करने से पूर्व संबंधित जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उनके मंतव्य, सहयोग एवं सुझाव प्राप्त किए जाएँ। प्रभारी मंत्री द्वारा नगर आयुक्त को निदेश दिया गया कि नगर निगम के क्षेत्र विस्तार से संबंधित प्रारूप अधिसूचना (ड्राफ्ट नोटिफिकेशन) जारी किए जाने से पूर्व सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उनका मंतव्य एवं सुझाव प्राप्त किया जाए। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर विधिवत कार्रवाई की जाए। प्रभारी मंत्री ने यह भी निदेश दिया कि प्रस्तावित क्षेत्र विस्तार से संबंधित विवरण, नक्शा एवं सम्मिलित किए जाने वाले राजस्व ग्रामों की सूची समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर तथा नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर आम नागरिकों से सुझाव एवं आपत्तियाँ (पब्लिक ओपिनियन) आमंत्रित की जाए ताकि प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया में व्यापक जनसहभागिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो। प्रभारी मंत्री द्वारा नगर आयुक्त को निदेश दिया गया कि उपर्युक्त कार्यों को पूरा करते हुए प्राप्त सुझावों एवं परीक्षण के आधार पर प्रस्ताव की समीक्षा करें तथा नियमानुसार संशोधित प्रस्ताव तैयार कर बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुरूप अग्रेतर वैधानिक कार्रवाई की जाए।






