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उद्योगों की स्थापना में बैंक निभाएं सक्रिय भूमिका और योजनाओं के लाभुकों को समय पर उपलब्ध कराएं ऋण :–रिची पाण्डेय, जिलाधिकारी

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार १५ जुलाई

जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर सभी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकिंग उप-समाहर्ता आशुतोष श्रीवास्तव, डीपीआरओ कमल सिंह, उद्योग महाप्रबंधक प्रिया भारती, एलडीएम अनिल कुमार सिंह के साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित अन्य स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बंधन बैंक, एक्सिस बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन तथा स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसमें बैंकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत नहीं करेंगे तो सरकार की योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने LDM को निर्देश दिया कि सभी बैंकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें तथा प्रत्येक बैंक की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। जिन बैंकों का प्रदर्शन कमजोर है, उनके साथ विशेष बैठक कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कराया जाए। PMFME योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले का कुल भौतिक लक्ष्य 356 है, जिसके विरुद्ध 134 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें अब तक 18 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं तथा 23 लाभुकों को मार्जिन मनी का वितरण किया जा चुका है। जबकि 114 आवेदन अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। प्रदर्शन की समीक्षा में Indian Overseas Bank ने 66.67 प्रतिशत स्वीकृति दर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। HDFC Bank ने 33.33 प्रतिशत तथा Central Bank of India ने 10.87 प्रतिशत स्वीकृति दर दर्ज की। वहीं State Bank of India, Bank of India एवं Axis Bank का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। अग्रसारित आवेदनों के बावजूद इन बैंकों द्वारा एक भी परियोजना स्वीकृत नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लंबित मामलों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि जिले के औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में बैंकों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। सभी बैंक पात्र आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करें तथा अनावश्यक विलंब से बचें। भविष्य की समीक्षा बैठकों में खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत 4,918 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 1,314 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं तथा 1,141 लाभुकों को ऋण का वितरण (Disbursement) किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने इस योजना के लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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