700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई तेज, जिलाधिकारी ने पारु एवं मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का लिया जायजा

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार ०४ जुलाई
आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की कार्रवाई सतत एवं प्रभावी रूप से जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के पारु प्रखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्रफल में नये औद्योगिक क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया को तेज कर दी गई है। इस क्रम मे जिलाधिकारी ने पारू, मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने तथा निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए बेला एवं मोतीपुर के बाद अब पारु को नये औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इस परियोजना के तहत निर्धारित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ है तथा कार्य को गति देने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस बाबत परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल पांच मौजों में लगभग 700 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत चांदपुर चिउटारा मौजा में लगभग 250 एकड़, चतुरपट्टी मौजा में 150 एकड़, भोजपट्टी मौजा में 95 एकड़, हरपुर कपरफोरा मौजा में 120 एकड़ तथा विशुनपुर सरैया मौजा में लगभग 85 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सभी मौजों में भूमि की उपलब्धता, सीमांकन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का परीक्षण करते हुए भू-अर्जन की कार्रवाई नियमानुसार पूरा कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा रैयतों को विधिसम्मत भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि पारु में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से मुजफ्फरपुर जिले को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। इससे जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से जिले की आर्थिक संरचना को मजबूती मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों में सहायक व्यवसायों, परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की औद्योगिक नीति के अनुरूप जिले में उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में मुजफ्फरपुर को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने में सहायता मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास, बेहतर सड़क संपर्क और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र के प्रभावी संचालन तथा परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पारु प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को जिले से गुजर रहे निर्माणाधीन पटना – बेतिया फ्लोरलन से जोड़ने का प्रस्ताव NHAI को पूर्व मे ही भेजा गया। इससे बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो जायेगी तथा उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा तैयार उत्पादों की ढुलाई अधिक तेज और सुगम तरीके से हो सकेगी। इससे निवेशकों और उद्योगपतियों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में नये उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र के लिए फोरलेन सड़क से कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाने पर न केवल उद्योगों के संचालन में सहूलियत होगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बेहतर संपर्क मार्ग के कारण परिवहन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादों को राज्य एवं देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाना अधिक आसान होगा।






