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नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जारी आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग (मार्च 2026) में सीतामढ़ी जिले ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में प्राप्त किया तीसरा स्थान

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार ०४ जुलाई

नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा जारी आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग (मार्च 2026) में सीतामढ़ी जिले ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले में विभिन्न विकासात्मक क्षेत्रों में किए गए निरंतर प्रयासों, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, विभागीय समन्वय तथा तकनीकी सहयोग का परिणाम मानी जा रही है। इस उपलब्धि से न केवल सीतामढ़ी जिले, बल्कि पूरे बिहार राज्य का गौरव बढ़ा है। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, वानिकी, पशुपालन, जल प्रबंधन, आधारभूत संरचना, क्षमता वर्धन तथा वित्तीय समावेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर सुधारात्मक एवं नवाचारी पहल की गई है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप सीतामढ़ी ने नीति आयोग के विभिन्न प्रदर्शन सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित की है। जिला प्रशासन के अनुसार, यह सफलता जिला पदाधिकारी रिची पांडे के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संभव हो सकी है। उनके निर्देशन में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार उप-विकास आयुक्त संदीप कुमार तथा जिला योजना पदाधिकारी सह नोडल आकांक्षी जिला तथा  आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम  संतोष कुमार सुमन द्वारा सभी संबंधित विभागों के साथ नियमित समीक्षा एवं समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न सूचकांकों में सुधार के लिए निरंतर दिशा-निर्देश प्रदान किए जाते रहे हैं। डेल्टा रैंकिंग के अनुसार, आधारभूत संरचना (Infrastructure) के क्षेत्र में सीतामढ़ी जिले ने सबसे उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस क्षेत्र में जिले का डेल्टा स्कोर 47.3 से बढ़कर 65.8 तक पहुंच गया, जिसके परिणामस्वरूप जिले को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि सड़क, विद्युत, पेयजल, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य बुनियादी सेवाओं के क्षेत्र में किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है। इसी प्रकार, कृषि, वानिकी, पशुपालन एवं जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस क्षेत्र में सीतामढ़ी का डेल्टा स्कोर 39.7 से बढ़कर 50.2 हो गया है, जिसके आधार पर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। कृषि उत्पादकता में वृद्धि, पशुपालन सेवाओं के विस्तार, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी सीतामढ़ी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण संकेतकों पर लगातार कार्य करते हुए जिले ने अपना डेल्टा स्कोर 71.6 से बढ़ाकर 83.5 तक पहुंचाया है, जिसके परिणामस्वरूप जिले को पूरे देश में पंद्रहवां स्थान प्राप्त हुआ है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन तथा स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में वृद्धि इस सफलता के प्रमुख कारक रहे हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षा, वित्तीय समावेशन एवं क्षमता वर्धन के क्षेत्रों में भी जिले ने निरंतर प्रगति दर्ज की है। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, विद्यालयों में उपस्थिति, अधिगम परिणामों में सुधार तथा विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं, वित्तीय समावेशन एवं क्षमता वर्धन के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए क्रमशः 19वां एवं 20वां स्थान प्राप्त किया गया है। इस उपलब्धि पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि यह सफलता सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के सामूहिक प्रयास, समर्पण, नियमित अनुश्रवण तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि विकास के विभिन्न संकेतकों में सुधार हेतु सभी विभागों ने एक टीम के रूप में कार्य किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पिरामल फाउंडेशन द्वारा प्रदान किए जा रहे सतत तकनीकी सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के अनुश्रवण, क्षमता निर्माण, डेटा विश्लेषण एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से जिले को विकासात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमल सिंह नें बताया की सीतामढ़ी जिले की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासनिक नेतृत्व, विभागीय समन्वय, सामूहिक प्रयास एवं तकनीकी सहयोग का प्रभावी समावेश किया जाए, तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर सीतामढ़ी ने विकास के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और यह उपलब्धि भविष्य में जिले के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा बनेगी।

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