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जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा, संभावित जल संकट से निपटने एवं योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, ०१ जून

प्रभारी जिलाधिकारी संजीव कुमार की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमल सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थें. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान संभावित जल संकट के मद्देनजर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) एवं पंचायती राज विभाग की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण किए जाएं। समीक्षा के क्रम में पीएचईडी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में 25 मरम्मत दलों का गठन किया गया है, जो प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप चापाकलों की मरम्मत का कार्य कर रहे हैं। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि मरम्मत कार्यों का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन मरम्मत किए गए चापाकलों की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों की सतत निगरानी की जा सके। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के शेष 716 छूटे हुए टोलों में नल-जल योजना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि सभी ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके। इंडो-नेपाल सीमा से सटे प्रखंडों के चिन्हित गांवों के विकास पर विशेष बल देते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा वहां मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में ज्ञान भारतम् मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक पांडुलिपियों की पहचान कर उन्हें निर्धारित पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि जिले की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण एवं डिजिटलीकरण सुनिश्चित हो सके। सहयोग शिविरों की समीक्षा के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी विभागों एवं पदाधिकारियों को पूरी तत्परता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की अनावश्यक विलंबता को गंभीरता से लिया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों का सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

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