सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड अंतर्गत धरहरवा स्थित मध्य विद्यालय में नागेश्वर प्रसाद सिंह छात्रवृत्ति पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, १५ अप्रैल
सीतामढ़ी जिले का परिहार प्रखंड के धरहरवा स्थित मध्य विद्यालय परिसर शिक्षा और प्रेरणा के एक सुंदर संगम का साक्षी बना, जहां नागेश्वर प्रसाद सिंह छात्रवृत्ति पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। मौके पर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने अपने संबोधन में गर्व के साथ उल्लेख किया कि हाल ही में सीतामढ़ी की दो बेटियों ने विभिन्न संकायों में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है, जो हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि छात्रों का ड्रॉपआउट दर कम किया जा सके। उन्होंने शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि कक्षा 5 से 6 एवं 8 से 9 के बीच होने वाले ड्रॉपआउट पर विशेष निगरानी रखें और ऐसे बच्चों एवं उनके अभिभावकों की काउंसलिंग सुनिश्चित कराई जाए। विद्यालयों को विद्युत, शौचालय, पेयजल सहित सभी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं से सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस सराहनीय पहल की शुरुआत वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के.एन. ठाकुर द्वारा अपने पूज्य पिता की स्मृति में की गई थी। इस अवसर पर उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया। समारोह में विद्यालय के तीन उत्कृष्ट विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पांच–पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के टॉप रैंकर्स को सम्मानित कर सामाजिक समावेश और समान अवसर की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय अधिकारीगण, शिक्षक, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। मंच संचालन का दायित्व वरीय शिक्षक एस.एन. झा ने निभाया। जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमल सिंह ने बताया की यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करने का मंच बना, बल्कि शैक्षणिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले धरहरवा क्षेत्र को शिक्षा के पथ पर अग्रसर करने की एक प्रेरणादायी पहल भी साबित हुआ।







