लंगट सिंह कॉलेज के संस्थापक बाबू लंगट सिंह की पुण्यतिथि पर प्राचार्या सहित अन्य शिक्षकों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके अपार योगदान और त्याग को किया नमन
लंगट बाबू एक ऐसे कालजयी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लिया- प्रो.कनुप्रिया

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, १५ अप्रैल
मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित लंगट सिंह महाविद्यालय के संस्थापक बाबू लंगट सिंह की पुण्यतिथि पर प्राचार्या प्रो.कनुप्रिया सहित अन्य शिक्षकों ने लंगट बाबु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके अपार योगदान और त्याग को नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस अवसर पर प्राचार्या नें लंगट बाबु को आधुनिक बिहार के प्रमुख शिक्षाविद्, दानवीर और समाजसेवी के रूप में याद किया गया, जिन्होंने 3 जुलाई 1899 को इस ऐतिहासिक कॉलेज की स्थापना की थी। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए, प्राचार्या ने कहा कि उनके द्वारा बोए गए बीज आज एक वटवृक्ष बनकर हज़ारों छात्रों का भविष्य संवार रहे हैं। महाविद्यालय के संस्थापक को नमन करते हुए प्राचार्या प्रो.कनुप्रिया ने कहा कि लंगट बाबू एक ऐसे कालजयी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लिया। उनका विजन तत्कालीन समय से काफी आगे का था और आज यह ऐतिहासिक संस्थान उनके उसी त्याग और तपस्या का प्रतिफल है। बाबू लंगट सिंह ने उस दौर में उच्च शिक्षा की नींव रखी जब संसाधन नगण्य थे। उनका मानना था कि समाज की मुक्ति का एकमात्र मार्ग शिक्षा ही है। आज हम जिस मुकाम पर हैं, वह उन्हीं के भगीरथ प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लंगट बाबू ने समाज को केवल एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान का एक ऐसा केंद्र दिया जिसने उत्तर बिहार की शैक्षणिक दिशा बदल दी। आज उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए शिक्षण की गुणवत्ता को बनाए रखना और छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना ही हमारे लिए उनको वास्तविक श्रद्धांजलि है। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में प्रो.एस.आर चतुर्वेदी, प्रो.सुरेंद्र राय, प्रो.विजय कुमार, डॉ.ऋतुराज कुमार, डॉ.अर्धेंदु, डॉ.शशिकांत पाण्डेय, डॉ.राजीव कुमार, डॉ.प्रदीप कुमार, डॉ.दीपक कुमार, डॉ.नवीन कुमार, डॉ.शमशीर अली, रमण कुमार सिंह सहित कॉलेज के कई प्राध्यापक और कर्मचारी शामिल रहे।




