झारखंड राज्य आजीविका मिशन की टीम ने मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित महिला-संचालित बैग क्लस्टर का किया अवलोकन
महिला-संचालित बैग क्लस्टर में 1000 से अधिक जीविका दीदियां हर महीने 1.5 लाख से अधिक बैग बनाकर आत्मनिर्भरता की लिख रही हैं नई इबारत

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०८ अप्रैल
झारखंड राज्य आजीविका मिशन की टीम ने मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित महिला-संचालित बैग क्लस्टर का अवलोकन किया। इस सफल मॉडल से प्रेरित होकर, टीम ने यहाँ की महिलाओं द्वारा बैग निर्माण, प्रबंधन और आत्मनिर्भरता की प्रक्रिया को समझा। इस क्लस्टर में 1000 से अधिक जीविका दीदियां हर महीने 1.5 लाख से अधिक बैग बनाकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत झारखंड राज्य आजीविका मिशन (JSLPS) की पांच सदस्यीय टीम ने मुजफ्फरपुर जिले स्थित बैग क्लस्टर का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने जीविका से जुड़ी महिला उद्यमियों की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रक्रिया एवं उद्यमिता मॉडल का गहन अध्ययन किया। यह मॉडल अब झारखंड राज्य के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में विकसित होने जा रहा है। झारखंड के कोडरमा जिले के मरकाचो प्रखंड से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी हुलास महतो द्वारा किया गया। टीम का स्वागत जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) अनीशा एवं उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विजय शंकर प्रसाद ने किया। इस अवसर पर टीम को बैग क्लस्टर की स्थापना, संचालन एवं वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। भ्रमण के दौरान टीम ने क्लस्टर से जुड़ी महिला उद्यमियों एवं कार्यरत श्रमिकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया, उपयोग में लाई जा रही मशीनों के प्रकार, उनकी लागत, उत्पाद की गुणवत्ता, विपणन रणनीति तथा श्रमिकों को मिलने वाले पारिश्रमिक एवं सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। टीम के सदस्यों ने यह भी जाना कि किस प्रकार जीविका एवं उद्योग विभाग के समन्वय से मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के अंतर्गत इस क्लस्टर की स्थापना कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। टीम लीडर श्री महतो ने कहा कि मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित बैग क्लस्टर महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाएं अपने कौशल एवं मेहनत के बल पर सफल उद्यमी बन रही हैं, जो अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने यह भी बताया कि कोडरमा जिले में इसी प्रकार का बैग उत्पादन केंद्र स्थापित करने की दिशा में यह भ्रमण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। अवलोकन उपरांत टीम के सदस्यों ने जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं उप- विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम से शिष्टाचार भेंट कर झारखंड की आजीविका दीदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पाद भेंट किए। इस दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग एवं अनुभव साझा करने पर बल दिया गया।झारखंड से आई टीम में नीति आयोग के प्रतिनिधि अंकित कुमार सिंह, जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रकाश रंजन, राजीव कुमार सिंह तथा बीपीएम सूरज कुमार सिंह शामिल थे। भ्रमण के दौरान टीम ने ‘दीदी की रसोई’ में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया तथा जीविका की अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर जीविका के संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार, विकास कुमार, विवेक कुमार, सोनू कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे। जिला जनसम्पर्क अधिकारी प्रमोद कुमार नें बताया की यह भ्रमण अंतरराज्यीय सहयोग एवं महिला उद्यमिता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






