गैस आपूर्ति में लापरवाही पर डीएम हुए सख्त, 4 दिनों में व्यवस्था सुधारने का सख्त अल्टीमेटम, उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए डीएम का बड़ा फैसला
समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुचारू वितरण व्यवस्था सुदृढ़ करने का कड़ा आदेश, पाइपलाइन गैस सेवा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी - 9693989339

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २५ मार्च
घरेलू गैस उपभोक्ताओं को समयबद्ध, पारदर्शी एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी क्रम में उन्होंने तीनों तेल कंपनियों आईओसीएल, एचपीसीएल एवं बीपीसीएल के प्रतिनिधियों तथा शहरी गैस वितरण परियोजना के मुख्य प्रबंधक के साथ मुजफ्फरपुर समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में गैस आपूर्ति व्यवस्था में पाई गई खामियों पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही करार दिया और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि गैस कंपनियां अपने उपलब्ध स्टॉक के अनुपात में उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने तेल कंपनिययों के विरुद्ध कड़ा रुख अख्तियार करते हुए गैस सिलेंडरों के बैकलॉग और लंबित वितरण को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त करते हुए अधिकतम चार दिनों के भीतर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने का सख्त निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी एवं पश्चिमी) प्रतिदिन आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान में औसतन लगभग 20 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जो बढ़ती मांग के मुकाबले अपर्याप्त है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव एवं संबंधित रिफिलिंग प्लांट को पत्र लिखकर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि बॉटलिंग प्लांट से अपेक्षित मात्रा में गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने अतिरिक्त सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि लंबित बुकिंग और बैकलॉग को नियंत्रित किया जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अधिकतम उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए तथा “फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व” के सिद्धांत पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्टॉक में गैस उपलब्ध रहने के बावजूद वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है, जिसे तत्काल सुधारना होगा। समीक्षा के दौरान एक और महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया, जिसमें पाया गया कि कई उपभोक्ता पाइपलाइन गैस (पीएनजी) कनेक्शन होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन का भी लाभ उठा रहे हैं। जिलाधिकारी ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए ऐसे उपभोक्ताओं का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिले में शहरी गैस वितरण परियोजना के तहत पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में जिले के 32,341 घरों में गैस मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 14,238 कनेक्शन चालू हैं, जबकि 18,103 कनेक्शन अभी सक्रिय किए जाने बाकी हैं। इस पर आईओसीएल के मुख्य प्रबंधक अनीश कुमार ने बताया कि लगभग 10,000 कनेक्शन जल्द ही चालू कर दिए जाएंगे, जिनमें से करीब 2,000 मल्टीपल कनेक्शन वाले उपभोक्ता हैं। शेष 8,103 कनेक्शनों के लिए एमडीपीई कनेक्टिविटी का कार्य तेजी से प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने इस कार्य में तेजी लाने और जल्द से जल्द सभी कनेक्शन चालू करने के निर्देश दिए। शहरी गैस वितरण परियोजना के तहत उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जाती है, जिससे सिलेंडर पर निर्भरता कम होती है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9693989339 भी जारी किया गया है, जिस पर उपभोक्ता किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं। बैठक में विभिन्न गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वर्तमान में 22,981 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं, जबकि औसतन 20,246 सिलेंडरों की बिक्री हो रही है और 11,944 सिलेंडर ट्रांजिट में हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर आपूर्ति में सुधार लाया जाए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गैस आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।





