शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार में जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा किया गया औचक छापेमारी और संयुक्त निरीक्षण

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ३० अक्टूबर
मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारागार में जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा औचक छापेमारी और संयुक्त निरीक्षण किया गया। यह अभियान शुक्रवार की सुबह करीब 3:45 से 4:00 बजे के आसपास जिलाधिकारी गौरव कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में चलाया गया। इस कार्रवाई में 150 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की टीम शामिल थी, जिसमें सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, डीएसपी और एसडीओ जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब ढाई से तीन घंटे तक चले इस अभियान के दौरान कैदियों की बैरकों, संवेदनशील वार्डों, सेल, अस्पताल परिसर और रसोईघर की बारीकी से तलाशी ली गई। सघन तलाशी के बाद भी जेल से कोई आपत्तिजनक, प्रतिबंधित या अवैध सामान बरामद नहीं हुआ। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और साफ-सफाई का जायजा लिया तथा काराधीक्षक को जेल मैनुअल के अनुसार कारा संचालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कोई भी आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली। जेल की व्यवस्था सामान्यतः संतोषजनक पायी गयी। काराधीक्षक को जेल मैनुअल के अनुसार केन्द्रीय कारा का संचालन एवं प्रशासनिक प्रबंधन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार नियमित तौर पर कारा का औचक निरीक्षण किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि कारा का संचालन नियमानुसार हो। कैदियों को भोजन इत्यादि की हर सुविधा विधिवत उपलब्ध हो। साथ ही जेल के अंदर कोई भी अवैध गतिविधि न हो। ऐसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि काराधीक्षक को जेल मैनुअल के सभी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। भविष्य में भी जेल परिसर में आकस्मिक रूप से छापामारी और चेकिंग जारी रहेगी। जिलाधिकारी द्वारा सम्पूर्ण कारा के निरीक्षण के पश्चात कारा की साफ-सफाई, रख-रखाव तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए काराधीक्षक को बंदियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यक्रम को बेहतर बनाने तथा महिला खण्ड में संसीमित महिला बंदियों के उपयोग हेतु विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, कारा में संसीमित वृद्ध एवं बीमार बंदियों पर विशेष ध्यान देनेका निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा काराधीक्षक को निर्देशित किया गया कि प्राथमिकता के आधार पर कारा भवन के अनुरक्षण, मरम्मती एवं निर्माण से संबंधित कार्यों की समेकित सूची बनाकर भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दें ताकि इस पर अग्रतर कार्रवाई की जा सके।गृहरक्षक की प्रतिनियुक्ति हेतु जिला समादेष्टा, मुजफ्फरपुर से पत्राचार करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा काराधीक्षक को यह भी निर्देश दिया गया कि कारा की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिरिक्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों के पदस्थापन/प्रतिनियुक्ति हेतु विधिवत कार्रवाई करें। औचक छापेमारी एवं संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी, नगर पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर, अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर सहित सभी पुलिस उपाधीक्षक, मुजफ्फरपुर एवं कई थानों के थानाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी उपस्थित थे।





