श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने अस्पताल को अत्याधुनिक और मरीजोन्मुखी बनाने के लिए दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २१ अप्रैल
श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में आयोजित रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने अस्पताल को अत्याधुनिक और मरीजोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह. अस्पताल अधीक्षक प्रो. (डॉ.) महेश प्रसाद, प्राचार्या एसकेएमसीएच प्रो. (डॉ.) विभा देवी, आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी सहित समिति के सदस्यगण और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बैठक में आयुक्त श्री सिंह नें ने ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी वार्ड के बाहर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है, जिस पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के नाम और समय की जानकारी स्पष्ट रूप से दिखेगी। मरीजों से सीधा फीडबैक लेने के लिए अस्पताल परिसर में आधुनिक कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए ‘विश्राम सदन’ के बेहतर संचालन हेतु इसे जीविका समूहों या किसी सक्षम बाहरी एजेंसी को सौंपने का सुझाव दिया गया है। अस्पताल के कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने और तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती का निर्देश दिया गया है। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0621-2231202 का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। आयुक्त ने ड्यूटी रोस्टर का सख्ती से पालन करने और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उन्होंने ओपीडी और इमरजेंसी में सीसीटीवी (CCTV) लगाने का निर्देश दिया है, जिसकी निगरानी वे स्वयं भी करेंगे। लंबित शिकायतों के निपटारे के लिए 15 दिन की समय सीमा तय की गई है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि मरीजों के इलाज और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त ने कहा कि एसकेएमसीएच केवल मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर बिहार के लिए एक प्रमुख एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या अन्य जिलों से आने वाले मरीजों की भी होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि अस्पताल में सभी स्वास्थ्य सेवाएं सरकारी मानकों के अनुरूप, सरल, सुलभ और त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि अस्पताल परिसर में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए विश्राम सदन उपलब्ध हैं, लेकिन उनके संचालन में और सुधार की आवश्यकता है। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिया कि विश्राम सदनों का संचालन जीविका समूहों अथवा किसी सक्षम बाह्य एजेंसी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। बैठक के दौरान अस्पताल में 30 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू तैयार होने की जानकारी दी गई। इस पर आयुक्त ने इसके शीघ्र संचालन के लिए आवश्यक चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल कर्मियों की मांग संबंधित विभाग से करने का निर्देश दिया, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। मीडिया से बातचीत करते हुए आयुक्त ने कहा कि अस्पतालों के सरकारी मार्गदर्शिका के अनुरूप कुशल प्रबंधन एवं सुचारु संचालन के उद्देश्य से जिला अस्पताल से लेकर PHC, APHC, CHC, HWC तक के अस्पतालों का विशेष अभियान चलाकर नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की प्रक्रिया की जा रही है। इसके द्वारा डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति से लेकर सरकारी सुविधा की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो। बैठक के पूर्व आयुक्त ने अस्पताल के इमरजेंसी एवं ओपीडी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और अस्पताल की सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया। अधिकांश मरीजों एवं उनके परिजनों ने अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने डॉक्टरों को सरकारी मानकों के अनुरूप निर्धारित यूनिफॉर्म कोड का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अनुशासन बना रहेगा, बल्कि मरीजों को भी डॉक्टरों की पहचान करने में सुविधा होगी और अस्पताल की प्रतिष्ठा एवं गरिमा कायम रहेगी। इसके अतिरिक्त आयुक्त ने अस्पताल परिसर एवं मुख्य गेट के आसपास अतिक्रमण हटाने, परिसर स्थित पार्क का सौंदर्यीकरण करने तथा मरीजों और उनके परिजनों के लिए मानक अनुरूप शेड निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में भी सहायक होता है। आयुक्त ने कहा कि एसकेएमसीएच का कुशल प्रबंधन और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समन्वय बनाकर कार्य करें और अस्पताल को एक आदर्श, आधुनिक एवं मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।







