जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, सीतामढ़ी, बिहार, २० जून
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन बृज किशोर पांडेय, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, विभाग के सभी कनीय अभियंता एवं विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बढ़ती गर्मी एवं लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की तथा कार्यों में शिथिलता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बैठक के दौरान प्रखंड एवं वार्ड स्तर पर संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि कई स्थानों पर कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी छूटे हुए टोलों में पेयजल योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर अविलंब पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आमजन को पेयजल संकट का सामना नहीं करना चाहिए और इसके लिए संबंधित पदाधिकारी एवं कार्यकारी एजेंसियां सीधे तौर पर जवाबदेह होंगी। जिलाधिकारी ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन एजेंसियों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई है, उनसे तत्काल स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में कार्यरत टीमों की संख्या बढ़ाई जाए तथा योजनाओं के निष्पादन में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन एवं मशीनरी लगाई जाए। साथ ही सभी प्रखंडों से प्रतिदिन अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि कार्यों की सतत निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। विशेष रूप से पूर्व से जल संकट प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रखंडों में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता गंभीरता से ली जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों का भौतिक सत्यापन करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि पेयजल आपूर्ति जैसी जनहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जिले के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है।






