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योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि वर्तमान समय में यह रोजगार का भी एक सशक्त साधन बन चुका है- गिरिराज सिंह, केंद्रीय कपड़ा मंत्री

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, २१ जून  

मुजफ्फरपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर विधायक रंजन कुमार, मेयर निर्मला साहू, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा, उप-विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, नगर आयुक्त रितुराज प्रताप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी आकांक्षा आनंद, अपर समाहर्ता राजस्व प्रशांत कुमार, अपर समाहर्ता आपदा शैलेश कुमार चौधरी सहित कई अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री सिंह ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि वर्तमान समय में यह रोजगार का भी एक सशक्त साधन बन चुका है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है, जो लोगों को निरोग रखने में मदद कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि आज दुनिया भर में योग ट्रेनर, थेरेपिस्ट और वैलनेस विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे युवाओं के लिए आजीविका के नए मार्ग खुले हैं। मुजफ्फरपुर के इस मुख्य समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, युवाओं और बच्चों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मानव जीवन में योगाभ्यास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और अनियमित दिनचर्या ने हमें कई बीमारियों का शिकार बना दिया है। योग एक ऐसी प्राचीन पद्धति है जो तन और मन दोनों को स्वस्थ रखती है।” उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वस्थ रहने के लिए योग को अपनी दैनिक क्रिया में अवश्य शामिल करें। डीएम ने कहा कि सिर्फ योग दिवस पर एक घंटे योग करना काफी नहीं है, इसे जीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है। कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में योग प्रशिक्षक सोनम सिन्हा ने योग सत्र का संचालन करते हुए योग के प्रत्येक आसन के लाभ और सावधानियों की जानकारी दी। उनके निर्देशन में सभी प्रतिभागियों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत अभ्यास कराया गया। योग की शुरुआत हल्के आसन के अभ्यास से हुआ। प्राणायाम सत्र में अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी का विशेष अभ्यास कराया गया। इसके बाद बैठकर किए जाने वाले आसनों में वज्रासन, मलासन, शशांकासन तथा खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन का अभ्यास कराया गया। इसके बाद भुजंगासन, शलभासन कराए गए। ध्यान और संकल्प के साथ सत्र का समापन हुआ। प्रशिक्षक ने बताया कि भ्रामरी प्राणायाम तनाव दूर करता है, जबकि कपालभाति से पेट के रोग दूर होते हैं। नियमित वृक्षासन से एकाग्रता बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान खेल भवन का प्रथम तल योग प्रतिभागियों से खचाखच भरा था। सफेद टी-शर्ट और ट्रैक पैंट में आये युवाओं से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्ग तक पूरे अनुशासन के साथ योग करते दिखे। कई स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर “योग करें निरोग रहें” और “वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग” जैसे स्लोगन लिखे बैनर लगाए गए थे।

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