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किसान निबंधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, टीकाकरण अभियान तथा एईएस (चमकी बुखार) की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार, ०८ जून

किसान निबंधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, टीकाकरण अभियान तथा एईएस (चमकी बुखार) की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, टीकाकरण अभियान की शत-प्रतिशत सफलता तथा एईएस से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में किसान निबंधन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक 2,88,084 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े 1,43,431 किसान शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए किसान निबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि उर्वरक वितरण में निबंधित किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसान निबंधन होने पर किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, उर्वरक वितरण, अधिप्राप्ति तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान ऑनलाइन म्यूटेशन मामलों की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि अब तक 8,781 मामलों का निष्पादन किया गया है, जबकि 8,854 मामले लंबित हैं। वहीं परिमार्जन प्लस के अंतर्गत 17,803 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। अंचलवार लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का रविवार तक निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (राजस्व) को अपने स्तर से अंचलवार समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदनों का निष्पादन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर प्रति आवेदन 500 रुपये की दर से दंड अधिरोपित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने आगामी 16 जून के सहयोग शिविर के सफलतापूर्वक संचालन हेतु प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को जनता के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी समस्याओं एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। समीक्षा के दौरान पाया गया की सहयोग शिविर में कुल 13588 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 11815 का निष्पादन कर दिया गया है तथा 763 आवेदन नियमानुसार वैध नहीं रहने के कारण अस्वीकृत किया गया है। जिलाधिकारी ने शेष आवेदनो का त्वरित समाधान करने तथा सभी अधिकारियों को पूरी जवाबदेही एवं निष्ठा के साथ जनता की समस्याओं का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि 28 जून से 4 जुलाई तक जिले में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस अभियान के तहत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए 8,57,684 घरों और 7,92,506 बच्चों को लक्ष्य बनाया गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 1,798 टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा 60 मोबाइल टीम, 612 सुपरवाइजर तथा 166 उपडिपो बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अभियान में शामिल सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों को 8 जून से प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि सरकारी दिशा-निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को अस्पतालों का नियमित भ्रमण कर औचक निरीक्षण करने तथा आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने किशोरी टीका अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान का प्रखंडवार व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा में पाया गया कि 56,061 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 44,647 किशोरियों का टीकाकरण किया गया है। जिलाधिकारी ने शेष पात्र किशोरियों को भी जल्द से जल्द अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) टीकाकरण के तहत 1,49,268 बच्चों के लक्ष्य के विरुद्ध प्रथम डोज की उपलब्धि 1,40,213 तथा द्वितीय डोज की उपलब्धि 1,30,730 रही है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि को और बेहतर बनाने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रखा जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए मरीजों का त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाए। बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं जीविका दीदियों को घर-घर भ्रमण कर शून्य से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित निगरानी करने तथा लाइन लिस्टिंग के आधार पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को एईएस से बचाव के उपायों की जानकारी देने को कहा। समीक्षा के दौरान बताया गया कि मई माह में एईएस का एक भी मामला सामने नहीं आया, जबकि जून माह में अब तक केवल एक मामला प्रतिवेदित हुआ है। संबंधित बच्चा उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के कारण स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।

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